अरबों का मालिक ये शख्स अब करेगा लोगों की 'सेवा', जानिए क्यों
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फोर्टिस हैल्थकेयर के कार्यकारी वाइस चेयरमैन शिविंदर मोहन सिंह अपना पद छोड़कर अध्यात्मिक और दार्शनिक संस्था राधास्वामी सत्संग ब्यास में शामिल हो रहे हैं।
कंपनी के एक वक्तव्य के मुताबिक, कंपनी के सह संस्थापक सिंह एक जनवरी 2016 से कंपनी के गैर कार्यकारी उपाध्यक्ष बन जाएंगे समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कंपनी छोड़ते हुए शिविंदर सिंह ने कहा, "फोर्टिस की स्थापना और इसका संचालन करने में करीब दो दशक बिताने के बाद लोगों की जिंदगी बचाने और उन्हें संपन्न बनाने का हमारा मिशन अब मेरी जिंदगी का अभिन्न अंग बन गया है।"
"वक्त के साथ साथ इस मिशन ने मुझे समाज की सीधी सेवा करने के लिए प्रेरित किया ताकि जो मैंने कमाया है उसका कुछ अंश मैं समाज को लौटा सकूं।"
'सेवा' का अनुरोध
सिंह ने कहा कि उन्होंने अमृतसर में राधास्वामी सत्संग ब्यास के मुख्यालय में 'सेवा' करने का अनुरोध किया था। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सिंह ने बताया कि वह खुशकिस्मत हैं कि उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है और फोर्टिस में अपनी जिम्मेदारियां सौंप कर वे डेरा स्थित ब्यास के मुख्यालय चले जाएंगे।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अपने छोटे भाई के इस फैसले का स्वागत करते हुए फोर्टिस के कार्यकारी अध्यक्ष मालविंदर सिंह ने कहा, "ऐसा अकसर नहीं होता कि किसी को समाज की सेवा के प्रति प्रतिबद्ध होने का मौका मिले। मुझे खुशी है कि शिविंदर जिंदगी के इस मोड़ पर ये फैसला ले रहे हैं।"
नब्बे के दशक के आखिर में शिविंदर ने अपने बड़े भाई मालविंदर मोहन सिंह के साथ फोर्टिस हैल्थकेयर की शुरुआत की थी। 2008 में सिंह बंधुओं ने रैनबैक्सी में अपने स्टॉक को जापान की प्रमुख दवा कंपनी दाइची संक्योन को बेच दिया था। फिलहाल फोर्टिस हैल्थकेयर की शाखाएं भारत, दुबई, मॉरिशस और श्रीलंका में काम कर रही हैं।