SFIO कर सकता है जेट एयरवेज में हुए वित्तीय घपले की जांच, MCA ने लिखा पत्र
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जेट एयरवेज के संस्थापकों द्वारा किए गए वित्तीय घपले की जांच सीरीयस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) कर सकता है। इसके लिए कंपनी मामलों के मंत्रालय ने पत्र लिखा है। हालांकि इसका फैसला नए मंत्री लेंगे।
जारी किया है लुकआउट सर्कुलर
जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल और उनकी पत्नी के खिलाफ एसएफआईओ ने लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है, जिसके कारण उनको पिछले दिनों दुबई जा रहे विमान से उतार कर हिरासत में भी ले लिया गया था।
जरूरी है जांच करना
मंत्रालय का कहना कि वित्तीय घपले की जांच एसएफआईओ के द्वारा होना जरूरी है। मंत्रालय ने यह कदम कंपनी रजिस्ट्रार और क्षेत्रीय निदेशक से रिपोर्ट मिलने के बाद उठाया है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसा लगता है कि एयरलाइन ने पिछले कुछ वर्षों में कई जगह अपने फंड को डायवर्ट किया है, जिसके चलते ही यह कदम उठाया गया है।
यह हो सकता है घपला
विभिन्न एजेंसियों द्वारा जो जांच की जा रही है, उसके मुताबिक जेट एयरवेज ने कई सहयोगी कंपनियों में निवेश कर रखा है। वहीं बैंकों व वित्तीय कंपनियों से लिए गए लोन की समय सीमा को बढ़ा लिया। इन सबकी जांच होनी जरूरी है। इसके साथ ही कंपनी का जो इक्विटी ढांचा है, वो भी सवालिया निशान पर है।
बैंकों की नहीं होगी जांच
हालांकि इस दौरान बैंकों की जांच नहीं होगी क्योंकि दिसंबर तक कंपनी लोन की राशि का भुगतान कर रही थी। जनवरी से ही कंपनी का लोन पेमेंट डिफॉल्ट होना शुरू हुआ। फिलहाल कंपनी पर 20 हजार करोड़ रुपये की बाहरी देनदारी है, वहीं बैंकों पर 8500 करोड़ रुपये का बकाया है। इसके अलावा उसको कर्मचारियों का पीएफ भी भुगतान देना बाकी है।