मिराक ने बैंक ऑफ अमेरिका के फर्जी पत्र दिए: सहारा
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सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की जमानत की कोशिश को एक बार फिर से झटका लगा है। सहारा समूह ने मिराक कैपिटल पर धोखेबाजी का आरोप लगाते हुए कहा है कि मिराक कैपिटल ने दो अरब डॉलर की लोन सहायता देने के नाम पर बैंक ऑफ अमेरिका का जाली पत्र दे दिया।
सहारा ने कहा है कि वह मिराक और इस मामले से जुड़े सभी अधिकारियों के खिलाफ न केवल भारत बल्कि अमेरिका में भी केस करेगा। हालांकि, अभी इन आरोपों के जवाब में मिराक कैपिटल की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है। मिराक कैपिटल का परिचालन भारतीय मूल के बिजनेसमैन सारांश शर्मा करते हैं।
साल भर से हैं जेल में बंद
बैंक ऑफ अमेरिका ने कहा है कि उसका सहारा और मिराक कैपिटल के सौदे से कुछ लेना देना नहीं है, जबकि मिराक कैपिटल ने कहा था कि बैंक ऑफ अमेरिका इस मामले में सहारा समूह को धन मुहैया कराएगा।
सुब्रत रॉय करीब साल भर से तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन पर निवेशकों के धन रिफंड न करने का मामला चल रहा है। सुब्रत रॉय के साथ इस मामले से जुड़े दो अन्य अधिकारी भी तिहाड़ जेल में बंद हैं।