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S&P ने जारी की भारत की रेटिंग, 10 साल बाद भी नहीं हुआ कोई सुधार

Fri, 24 Nov 2017 08:29 PM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
एजेंसी/नई दिल्ली Updated Fri, 24 Nov 2017 08:29 PM IST
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S&P Released India Rating, there is no improvement
s&p

स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एस एंड पी) ने नरेंद्र मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों की तारीफ की है लेकिन भारत की रेटिंग में सुधार करने से इनकार करते हुए उसे बीबीबी माइनस पर बरकरार रखा है, जबकि भविष्य के आउटलुक को स्थिर रखा है।

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एजेंसी का कहना है कि आर्थिक विकास दर में सुधार से मिली बढ़त को निम्न प्रति व्यक्ति आय और भारी-भरकम सरकारी ऋण की समस्याओं ने बराबर कर दिया है। केंद्र सरकार ने रेटिंग एजेंसी के इस दृष्टिकोण को अनुचित करार दिया है।
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पढ़ें- अटल के बाद मोदी सरकार का इकोनॉमी में जलवा, 13 साल बाद मूडीज ने बढ़ाई रेटिंग
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अमेरिकी रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ने शुक्रवार को कहा कि भारत को दी गई रेटिंग से उसके तेज आर्थिक विकास, सुधरी हुई मौद्रिक विश्वसनीयता और विदेश व्यापार के संतुलन की झलक मिलती है। लेकिन प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी और सरकारी ऋण में कमी के मोर्चे पर मिली नाकामयाबी ने इन सकारात्मक संकेतों के असर को खत्म कर दिया है।

इसके मद्देनजर उसकी रेटिंग में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। याद रहे कि 2007 में एस एंड पी ने भारत की रेटिंग बीबी प्लस से सुधार कर बीबीबी माइनस की थी। रेटिंग की भाषा में इसे सबसे खराब रेटिंग से एक पायदान ऊपर माना जता है।

एजेंसी ने कहा है कि भारत की रेटिंग में सुधार की गुंजाइश है, लेकिन इसके लिए उसे अपने सिर से कर्ज का बोझ कम करना होगा। इसके अलावा भुगतान संतुलन (निर्यात माइनस आयात) की स्थिति में सुधार होने पर भी उसकी रेटिंग बढ़ाई जा सकती है। इसके ठीक विपरीत अगर विकास दर में गिरावट, सरकार के घाटे में बढ़ोतरी और सुधार को जारी रखने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी से रेटिंग को कम भी किया जा सकता है।

मोदी सरकार की तारीफ

S&P Released India Rating, there is no improvement
modi

नोटबंदी और जीएसटी के कारण विकास दर में कुछ तिमाहियों में कमी आई लेकिन मध्यम अवधि में सुधार की पूरी संभावना है।
भारत में निजी उपभोग में बढ़ोतरी हो रही है। बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार भारी मात्रा में निवेश कर रही है। 
बैंकों की हालत सुधारने के लिए उसके द्वारा उठाए गए कदम से निवेश में बढ़ोतरी होनी चाहिए।
इस आधार पर कहा है कि 2017-2020 के बीच भारत की औसत विकास दर 7.6 फीसदी रहेगी।

सरकार ने की आलोचना
केंद्र सरकार के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने रेटिंग एजेंसी की आलोचना करते हुए कहा कि उसका रवैया सर्वथा अनुचित है क्योंकि निम्न प्रति व्यक्ति आय से सरकार के कर्ज चुकाने की क्षमता का कोई संबंध नहीं है। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि एस एंड पी ने सतर्कता बरती है, लेकिन हम निराश नहीं हैं और उम्मीद है कि अगले साल उसकी रेटिंग में भारत के आर्थिक सुधारों की झलक जरूर मिलेगी। रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह रेटिंग एजेंसी ऐतिहासिक रूप से कभी भी उदार नहीं रही है।

मूडीज ने सुधारी है रेटिंग
एक अन्य अमेरिकी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने बीते 17 नवंबर को भारत के आर्थिक एवं संस्थागत सुधारों की प्रशंसा करते हुए 13 साल बाद उसकी रेटिंग बीएए-3 से बढ़ाकर बीएए-2 करने की घोषणा की थी। इस एजेंसी ने नोटबंदी, जीएसटी और आधार को लेकर मोदी सरकार से प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा था कि इससे भारत की विकास दर में बढ़ोतरी की संभावनाओं को बल मिलता है।

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