{"_id":"611202148ebc3e7b2a345d09","slug":"ril-reliance-new-energy-solar-ltd-investvmet-in-ambri-inc-along-with-bill-gates-and-others","type":"story","status":"publish","title_hn":"योजना: बिल गेट्स, मुकेश अंबानी और अन्य इस अमेरिकी ऊर्जा भंडारण फर्म में करेंगे 14.4 करोड डॉलर का निवेश","category":{"title":"Corporate","title_hn":"कॉरपोरेट","slug":"corporate"}}
योजना: बिल गेट्स, मुकेश अंबानी और अन्य इस अमेरिकी ऊर्जा भंडारण फर्म में करेंगे 14.4 करोड डॉलर का निवेश
Tue, 10 Aug 2021 10:05 AM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Tue, 10 Aug 2021 10:05 AM IST
सार
सोलर एनर्जी कारोबार में प्रवेश करने की घोषणा के दो महीने बाद रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड ने अंबरी इंक में निवेश करने का फैसला किया है। अंबरी इंक लंबी अवधि तक चलने वाले एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स पर काम कर रही है।
विज्ञापन
Solar Plat, Solar Energy
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (RNESL) ने अमेरिका के मैसाचुसेट्स में स्थित एक ऊर्जा भंडारण कंपनी अंबरी इंक (Ambri Inc) में 4.23 करोड़ शेयर हासिल करने के लिए पांच करोड़ डॉलर के निवेश की घोषणा की है। रणनीतिक निवेशक पॉलसन एंड कंपनी इंक और बिल गेट्स समेत कुछ अन्य निवेशकों के साथ अंबरी इंक में 14.4 करोड़ डॉलर का निवेश किया जाएगा।
विज्ञापन
रिलायंस को ऐसे मिलेगी मदद
आरआईएल ने एक बयान में कहा कि, 'निवेश से कंपनी को वैश्विक स्तर पर अपने लंबी अवधि वाले एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को विकसित करने में मदद मिलेगी।' अंबरी इंक के पास चार से 24 घंटे तक काम करने वाले एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स का पेटेंट है। ग्रिड स्केल की 'स्टेशनरी स्टोरेज एप्लिकेशन' में इस्तेमाल होने वाली लीथियम-आयन बैटरी से जुड़ी लागत, सुरक्षा और लंबे समय तक न चलने जैसी समस्याओं से अंबरी की तकनीक छुटकारा दिला सकती है। इससे अक्षय ऊर्जा को आसानी से ग्रिड सिस्टम में इंटीग्रेट किया जा सकेगा। आरएनईएसएल और अंबरी भारत में बड़े पैमाने पर बैटरी निर्माण सुविधा स्थापित करने पर भी चर्चा कर रहे हैं। यह रिलायंस की ग्रीन ऊर्जा इनिशिएटिव की लागत कम करने में मददगार होगा।
विज्ञापन
जून में अंबानी ने की थी एक गीगा फैक्ट्री बनाने की घोषणा
मालूम हो कि इसी साल जून में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जामनगर में धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स परियोजना के हिस्से के रूप में एनर्जी स्टोरेज के लिए एक गीगा फैक्टरी बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 'हम नई और उन्नत इलेक्ट्रो-केमिकल प्रौद्योगिकियों की खोजबीन कर रहे हैं, जिनका उपयोग ग्रिड बैटरी के तौर पर ऊर्जा को स्टोर करने के लिए किया जा सकता हो। हम नई पीढ़ी की स्टोरेज और ग्रिड कनेक्टिविटी के माध्यम से चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए बैटरी प्रौद्योगिकी में वैश्विक लीडर्स के साथ सहयोग करेंगे।'
विज्ञापन
ये है भविष्य की योजना
अंबरी 10 मेगावॉट से लेकर दो गीगावॉट तक की 'एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स' की परियोजनाओं को पूरा कर सकती है। कंपनी कैल्शियम और एंटीमनी इलेक्ट्रोड-बेस्ड सेल्स और कंटेनर सिस्टम बनाएगी, जो लिथियम-आयन बैटरी की तुलना में किफायती होगा। यह सिस्टम वातावरण के अनुकूल, अधिक सुरक्षित और करीब 20 वर्षों तक चल सकेगा। अंबरी सिस्टम उच्च-उपयोग वाले ग्राहकों के लिए उपयुक्त होगा। ऐसे उपयोगकर्ता जो दिन के समय सौर ऊर्जा पर निर्भर होंगे और शाम और सुबह के पीक लोड समय सिस्टम से ऊर्जा ले सकेंगे। कंपनी 2023 के बाद इसका वाणिज्यिक संचालन शुरू करेगी।
आज रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर हरे निशान पर खुला। पिछले सत्र में 2077.25 पर बंद होने के बाद आज बीएसई में इसकी शुरुआत 2084.70 पर हुई। मौजूदा समय में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 13,27,289.21 करोड़ रुपये है।