रिलायंस इंडस्ट्रीज जल्द बनेगी भारत की पहली 200 अरब डॉलर की कंपनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) अपने न्यू कॉमर्स उपक्रम और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कारोबार के दम पर 24 महीनों में 200 अरब डॉलर (14 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा बाजार पूंजी वाली कंपनी बन सकती है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही।
ब्रोकरेज हाउस ने कहा कि आरआईएल को एमपीओएस (मोबाइल प्वाइंट ऑफ सेल) की पेशकश के द्वारा असंगठित खुदरा बाजार में किराना कारोबारियों को मजबूत बनाने, माइक्रोसॉफ्ट के साथ एसएमई एंटरप्राइजेज क्षेत्र में प्रवेश, जियो के फाइबर ब्रॉडबैंड कारोबार और विज्ञापन जैसी डिजिटल पहलों का फायदा मिलेगा।
जियो ने किया था यह एलान
जियो के ग्राहकों को अब फोन पर बात करने के लिए पैसे देने होंगे। जियो के एक बयान के मुताबिक जियो के ग्राहकों को किसी दूसरी कंपनी के नेटवर्क पर कॉल करने के लिए प्रति मिनट 6 पैसे देने होंगे, हालांकि जियो से जियो के नेटवर्क पर कॉलिंग पहले की तरह ही फ्री रहेगी।
जियो ने कहा है कि वह अपने 35 करोड़ ग्राहकों को आश्वस्त करता है कि आउटगोइंग ऑफ-नेट मोबाइल कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट का शुल्क केवल तब तक जारी रहेगा जब तक TRAI अपने वर्तमान रेगुलेशन के अनुरूप IUC को समाप्त नहीं कर देता। हम TRAI के साथ सभी डाटा को साझा करेंगे ताकि वह समझ सके कि शून्य IUC यूजर्स के हित में है।