एनपीएस में रिलायंस कैपिटल का पेंशन फंड पंजीकरण रद्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के तहत रिलायंस कैपिटल पेंशन फंड के पंजीकरण को पीएफआरडीए ने रद्द कर दिया है। कंपनी ने पिछले दिनों इसके लिए अनुरोध किया था। पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को बताया कि अब एनपीएस के तहत इस पेंशन फंड का विकल्प नहीं रहेगा।
आठ कंपनियां थीं पंजीकृत
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में रिलायंस कैपिटल ने अपना एनपीएस लाइसेंस वापस कर दिया था। निजी क्षेत्र के सदस्यों के धन का प्रबंधन करने के लिए एनपीएस के तहत आठ कंपनियां पंजीकृत थीं। रिलायंस कैपिटल पेंशन फंड भी इन्हीं में से एक थी।
अक्तूबर तक एनपीएस के तहत थे 1.28 करोड़ खाते
पेंशन नियामक ने कहा, रिलायंस कैपिटल पेंशन फंड लिमिटेड की ओर से किए गए अनुरोध के आधार पर उसका पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द कर दिया है। अब एनपीएस के तहत यह पेंशन फंड सदस्यों के लिए उपलब्ध नहीं होगा। अक्तूबर तक एनपीएस के तहत देशभर में 1.28 करोड़ खाते थे।
साल 2008 में रिलायंस कम्युनिकेशंस ( RCom ) के चेयरमैन अनिल अंबानी दुनिया के छठवें सबसे अमीर शख्स थे। लेकिन अब ऐसी नौबत आ गई है कि हाल हगी में उन्होंने रिलायंस कम्युनिकेशंस के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। अनिल अंबानी अरबपतियों के क्लब से भी बाहर हो गए हैं।
11 साल में इतनी घटी संपत्ति
2008 में अनिल अंबानी के पास 42 अरब डॉलर की संपत्ति थी, जो 11 साल बाद यानी 2019 में घटकर 5230 मिलियन डॉलर यानी करीब 3651 करोड़ रुपये हो गई है। बता दें कि इस संपत्ति में गिरवी वाले शेयर की कीमतें भी शामिल हैं।
रिलायंस कैपिटल पर 38,900 करोड़ का कर्ज
11 जून तक रिलायंस समूह का बाजार पूंजीकरण 7,539 करोड़ रुपये था। अनिल अंबानी की कंपनियों में से सबसे अधिक बाजार पूंजीकरण रिलायंस कैपिटल का, 2,373 करोड़ रुपये था। 31 मार्च 2019 तक रिलायंस कैपिटल पर 38,900 करोड़ रुपये का कर्ज था।