{"_id":"5f6c832a8ebc3e20456fdb96","slug":"pepsico-shut-down-kerala-manufacturing-unit-company-issued-closure-notice","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेप्सिको ने बंद की केरल स्थित फैक्ट्री, कर्मचारियों की नौकरी पर संकट","category":{"title":"Corporate","title_hn":"कॉरपोरेट","slug":"corporate"}}
पेप्सिको ने बंद की केरल स्थित फैक्ट्री, कर्मचारियों की नौकरी पर संकट
Thu, 24 Sep 2020 04:59 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Thu, 24 Sep 2020 04:59 PM IST
विज्ञापन
PepsiCo
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की दिग्गज कंपनी पेप्सिको इंडिया लिमिटेड ने केरल में अपनी प्रोडक्शन यूनिट बंद करने का फैसला किया है। पालक्काड़ के कांजीकोड में बॉटलिंग प्लांट चलाने वाली फ्रेंचाइजी वरुण बेवरेजेज ने मंगलवार को क्लोजर नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
कोरोना संकट के चलते किए गए लॉकडाउन व मजदूरों द्वारा हड़ताल और लगातार विरोध प्रदर्शन की वजह से पेप्सिको को यह कारखाना बंद करना पड़ा है। इससे फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की रोजी रोटी छिन गई है। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर संयुक्त व्यापार संघ ने आंदोलन शुरू किया था।
विज्ञापन
22 मार्च को बंद किया था कारखाना
22 मार्च को ही कंपनी ने इस कारखाने को बंद कर दिया था। इसके बाद कोविड -19 के प्रकोप के कारण देशव्यापी तालाबंदी हुई, जिससे संकट और बढ़ गया। 21 मार्च को जारी लॉकआउट नोटिस में कंपनी ने कहा था कि, छह मार्च 2020 को जारी नोटिस के बाद स्थिति में सुधार नहीं आया है।
विज्ञापन
भविष्य में सुधार के संकेत नहीं
नोटिस में लिखा गया कि केरल के हाई कोर्ट द्वारा पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के आदेश के बाद भी, स्थिति बहुत गंभीर है और आपराधिक हमले का खतरा बड़ा है। स्थायी कर्मचारी, जो उत्पादन का संचालन करते हैं, वे अवैध हड़ताल पर हैं क्योंकि वे प्रबंधन द्वारा निर्देशित कार्य नहीं कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति के कारण प्रबंधन को बहुत बड़ी हानि हो रही है और निकट भविष्य में स्थिति में कोई सुधार होने का संकेत भी नहीं है।
कर्मचारियों की नौकरी पर संकट
इससे 120 से ज्यादा प्रत्यक्ष कर्मचारियों और करीब 250 कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि कंपनी हड़ताल वापस लेने के बावजूद अपने परिचालन को फिर से शुरू करने से इनकार कर रही थी।