बर्गर के शौकीनों के लिए बुरी खबर, भारत में बंद हुए McDonald's के 165 रेस्टोरेंट
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भारत में सबका पसंदीदा फूड चेन मैकडोनाल्ड (McDonald's) के 165 रेस्टोरेंट कुछ दिनों के लिए बंद हो गए हैं। दरअसल मैकडोनाल्ड इंडिया के पूर्व और उत्तर भारत के एमडी विक्रम बख्शी का कंपनी के साथ सफर समाप्त हो गया है। बख्शी दो दशक से मैकडोनाल्ड के साथ जुड़े हैं, लेकिन अब उनका ये 20 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया है।
अब ये कंपनी संभालेगी मैकडोनाल्ड की जिम्मेदारी
विक्रम बख्शी के स्वामित्व वाली कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट में काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके मद्देनजर मैकडोनाल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (MIPL) ने अदालत के बाहर समझौता किया। समझौते के अनुसार अब एमआईपीएल ने हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। इससे पहले जॉइंट वेंचर वाली कंपनी कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट्स लिमिटेड (CPRL) इन सभी आउटलेट्स का संचालन कर रही थी।
एक या दो हफ्ते में दोबारा खुलेगा मैकडोनाल्ड
इस संदर्भ में कंपनी ने बताया कि उत्तर और पूर्वी भारत में मैकडोनाल्ड के जो 165 रेस्टोरेंट बंद हुए हैं, उन्हें कुछ ही समय में पुन: खोला जाएगा। दरअसल इन रेस्टोरेंट को 'ऑपरेशनल प्रोटोकॉल के असेसमेंट और एंप्लॉयी की ट्रेनिंग' के लिए बंद किया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इन रेस्टोरेंट को एक या दो हफ्ते में दोबारा खोला जाएगा।
2013 में विक्रम बख्शी को हटाया था एमडी पद से
बता दें कि मैकडोनाल्ड और विक्रम बख्शी के स्वामित्व वाली कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट में काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। 2013 में मैकडोनाल्ड ने विक्रम बख्शी को सीपीआरएल के एमडी पद से हटा दिया था, जिसके खिलाफ बख्शी ने कंपनी लॉ बोर्ड में याचिका दायर की थी। इसके बाद बख्शी मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में लेकर के चले गए थे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समझौता करने के लिए कहा था।
2017-18 में हुआ था 65 लाख का लाभ
कंपनी को वित्त वर्ष 2017-18 में 65 लाख रुपये का लाभ हुआ था। इससे पहले के वित्त वर्ष में सीपीआरएल को 305 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा था।
1995 में हुआ था करार
मैकडोनाल्ड और सीपीआरएल के बीच 1995 में करार हुआ था। तब सीपीआरएल ने फ्रैंचाइजी मॉडल पर देश भर में अपने रेस्टोरेंट खोले थे। उसी समय से मैकडोनाल्ड के कई रेस्टोरेंट अस्तित्व में आए। विश्वव्यापी ब्रांड होने के कारण और भारतीयों के स्वाद के अनुसार अपने मेन्यू में बदलाव करने के कारण कंपनी पूरे देश में काफी प्रसिद्ध हो गई थी।