PNB Scam: महाघोटाला उजागर होने से पहले ही नीरव मोदी ने समेट लिया था हांगकांग से अपना कारोबार
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12 दिसंबर को दी थी अर्जी
न्यूज वेबसाइट इंडिया टुडे के मुताबिक, नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के कंपनी सचिव सुरेश कुमार भूटानी ने हांगकांग में अपना बिजनेस बंद करने अर्जी 12 दिसंबर 2017 को दी थी, जिसे वहां की अथॉरिटी ने 19 जनवरी को स्वीकार कर लिया था। वहीं घोटाले की सबसे पहले जानकारी देश में पीएनबी ने 14 फरवरी को स्टॉक एक्सचेंज को दी थी।
अन्य कंपनियों में नीरव मोदी नहीं है डायरेक्टर
जांच में पता चला है कि हांगकांग में कार्यरत नीरव मोदी की अन्य कंपनियों जैसे कि नीरव मोदी लिमिटेड, नीरव मोदी एचके लिमिटेड, फायरस्टार डायमंड लिमिटेड और फायरस्टार होल्डिंग लिमिटेड में किसी तरह की कोई हिस्सेदारी नहीं है।
वहीं वो इन कंपनियों में से किसी एक का भी डायरेक्टर भी नहीं है। इससे साबित होता है कि मोदी ने हांगकांग में लगाया गया अपना पैसा किसी और देश में ट्रांसफर कर दिया है, ताकि भारतीय जांच एजेंसियों को किसी भी तरह का कोई सबूत नहीं मिले। वहीं इन सभी कंपनियों का हांगकांग में बिजनेस करने के लिए केवल एक ही पता है 21-23/ F, न्यू हेनरी हाउस, 10 हाउस स्ट्रीट, सेंट्रल हांगकांग।
नीरव मोदी नहीं, यह एनआरआई है मालिक
मोदी हांगकांग स्थित कंपनी का खुद मालिक नहीं है। उसने एक एनआरआई बंकिम मधु मेहता को फायर स्टार डायमंड लिमिटेड का सोल डायरेक्टर बनाया था। यह शख्स फायरस्टार होल्डिंग में भी डायरेक्टर है।
महाघोटाले के बाद हांगकांग ने सख्त किए नियम
भारत में महाघोटाला उजागर होने के बाद हांगकांग ने भी अपने नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब कोई भी व्यक्ति शैल कंपनियों में अपना पैसा छिपाकर नहीं रख सकता है। हांगकांग में यह नियम 1 मार्च से लागू हो गए हैं। वहीं दूसरी तरफ अन्य देशों में बनाए गई अन्य कंपनियों के डायरेक्टर भी महाघोटाले के उजागर होने के बाद कंपनी से इस्तीफा दे रहे हैं।