अल्पसंख्यकों के मन से डर निकालना जरूरी: नारायण मूर्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने एक कार्यक्रम में कहा है कि देश के अल्पसंख्यक लोगों के मन में भी डर समाया हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास के लिए लोगों के मन से डर निकालना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि उनके पास बहुत से ईमेल आते हैं, जिनके जरिए लोग चिंता व्यक्त करते हैं। वे बोले कि लोगों की परेशानियों को जानने के बाद उन्हें यही लग रहा है कि यूपीए और एनडीए सरकार में कोई फर्क नहीं है।
वे बोले, "यूं तो मैं कोई नेता नहीं हूं, न ही मेरी राजनीति में कोई रुचि है, लेकिन अल्पसंख्यकों में एक डर है। उन लोगों में डर समाया हुआ है जो अपने प्रदेश को छोड़कर दूसरे प्रदेशों में रह रहे हैं। लोगों के बीच भरोसे और उत्साह का माहौल बनाना बहुत जरूरी है, तभी आर्थिक प्रगति हो सकेगी।
जयंत सिन्हा ने दिया जवाब
नारायण मूर्ति के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में सभी को कहीं भी जाकर रहने की आजादी है और अगर कहीं इस आजादी में कोई रुकावट आती है तो कानून का पूरी ताकत इसे रोकने पर लगनी चाहिए।
अगर एक वर्ग ऐसा सोचना है कि वह खराब माहौल में रहता है तो वो इसलिए नहीं है कि हम संविधान का पालन नहीं कर रहे हैं, बल्कि इसलिए है कि कानून व्यवस्था की स्थिति लोगों को आजादी से बोलने नहीं दे रही है।
'बीजेपी नेताओं पर लगाम लगाइए'
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भाजपा नेताओं पर लगाम लगाने को कहा है। हाल के दिनों में गोमांस को लेकर हुए विवादों पर प्रधानमंत्री को आगाह करते हुए मूडीज ने शुक्रवार को कहा कि अगर भाजपा के नेताओं पर लगाम नहीं लगी तो भारत अपना घरेलू और वैश्विक भरोसा खो देगा। एजेंसी का कहना है कि इन नेताओं के बयानों से सरकार की परेशानी बढ़ी है।
मूडीज एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी सरकार ने आर्थिक सुधारों का वादा किया है, और अगर भारत को तरक्की करना है तो उसे ये वादा जरूर पूरा करना चाहिए। ये रिपोर्ट 'इंडिया आउटलुकः सर्चिंग फॉर पोटेंशियल' शीर्षक से प्रकाशित की गई है।