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सऊदी अरामको के साथ सौदा पूरा करने की रूपरेखा पर हो रहा काम: मुकेश अंबानी
Wed, 24 Jun 2020 03:54 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Wed, 24 Jun 2020 03:54 PM IST
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मुकेश अंबानी ()
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रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा है कि वह सऊदी अरामको के साथ 15 अरब डॉलर के सौदे की विस्तृत रूपरेखा तय करने में लगी है। हालांकि कंपनी ने सौदा पूरा करने को लेकर कोई समयसीमा की जानकारी नहीं दी।
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दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी ने पिछले साल पेट्रोलियम तेल से लेकर पेट्रो रसायन बनाने तक के कारोबार में 20 फीसदी हिस्सेदारी दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक को बेचने की घोषणा की थी। इसमें गुजरात के जामनगर में कंपनी की दो रिफाइनरी और पेट्रोरसायन संपत्तियां शमिल हैं। सौदा मार्च 2020 तक पूरा होना था लेकिन इसमें देरी हुई है।
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अंबानी ने कंपनी की सालाना रिपोर्ट में कहा, 'रिलायंस, सऊदी अरामको के साथ रणनीतिक भागीदारी की रूपरेखा पर काम कर रही है।' हालांकि उन्होंने सौदा पूरा होने की कोई समयसीमा नहीं बताई। उन्होंने कहा कि अरामको के साथ भागीदारी से कच्चे तेल के मामले में जामनगर रिफाइनरियों का दायरा बढ़ेगा। साथ ही तेल से रसायन बनाने के मामले में कच्चे माल की सुरक्षा बढ़ेगी। कंपनी ने यह भी कहा कि उसने ब्रिटेन की बीपी पीएलसी के साथ भारत में वाहन और विमान ईंधन कारोबार के लिये 51:49 के अनुपात में संयुक्त उद्यम इकाई बनायी है।
58 दिनों में जुटाए 1,68,818 करोड़ रुपये
मालूम हो कि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिकॉर्ड कायम करते हुए मात्र 58 दिनों की छोटी सी अवधि में 1,68,818 करोड़ रुपये जुटा लिए। इस अवधि में रिलायंस की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स में वैश्विक निवेशकों की तरफ से 1,15,693.95 करोड़ रुपये का निवेश आया। वहीं रिलायंस ने राइट्स इश्यू के माध्यम से 53,124.20 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी अपनी ऑनलाइन सालाना आम बैठक 15 जुलाई को करने जा रही है।
भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास के लिए अभूतपूर्व
इतने कम समय में विश्व स्तर पर इतनी पूंजी जुटाना एक रिकॉर्ड है। भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास के लिए भी यह अभूतपूर्व हैं। महत्वपूर्ण यह है कि फंड जुटाने का यह लक्ष्य कोरोना वायरस महामारी के कारण हुए वैश्विक लॉकडाउन के बीच हासिल किया गया।
मुकेश अंबानी ने जताई प्रसन्नता
31 मार्च 2020 को कंपनी का नेट कर्ज 1,61,035 करोड़ रुपये था। निवेश और राइट्स इश्यू के बाद कंपनी पूरी तरह से ऋण मुक्त हो गई है। कर्ज मुक्त होने की उपलब्धि पर आभार व्यक्त करते हुए मुकेश अंबानी ने आज कहा, '31 मार्च 2021 के लक्ष्य से पहले रिलायंस को ऋण मुक्त करने का शेयरधारकों से किया अपना वादा पूरा करने पर आज मैं बेहद प्रसन्न हूं। हमारे शेयरधारकों और अन्य सभी हितधारकों की उम्मीदों पर खरा उतरना हमारे DNA में है। इसलिए रिलायंस के ऋण-मुक्त कंपनी बनने के गर्व भरे अवसर पर, मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि अपने स्वर्णिम दशक में रिलायंस और भी अधिक महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्य स्थापित करेगा और उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हमारे संस्थापक धीरूभाई अंबानी के उस दृष्टिकोण को पूरी तरह अपनाएगा जो भारत की समृद्धि और समावेशी विकास में हमारे योगदान को लगातार बढ़ाने का है।'