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इस नई तरकीब से जनता को राहत देने जा रही है मोदी सरकार?

Tue, 07 Feb 2017 06:12 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 07 Feb 2017 06:12 PM IST
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Modi govt to cut expenditures of officials to generate revenue
- फोटो : Getty Images

अर्थव्यवस्‍था को पटरी पर लाने के दबाव के कारण मोदी सरकार जल्द खर्चों में भारी कटौती कर सकती है। दरअसल नोटबंदी के बाद जनता को राहत देने के लिए सरकार को खजाने में कैश की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए स्रोतों के सीमित होने के कारण सरकार को खर्चों में कटौती की जरूरत महसूस हो रही है।

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सरकार ने आमदनी बढ़ाने के हर विकल्प को तलाशना शुरू कर दिया है। वित्त सचिव अशोक लवासा के बताया कि सरकार मार्च से पहले खर्च के तौर-तरीकों के नियमों में बड़े सुधार करने का जा रही है।
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खर्च नियंत्रण करने के लिए मॉडर्न मैनेजमेंट के तरीके अपनाए जाएंगे। 

नई भर्तियों पर लग सकती है रोक

Modi govt to cut expenditures of officials to generate revenue

सूत्रों के अनुसार सबसे पहले अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर लगाम लगाने की तैयारी है। साथ ही प्रेस कांफ्रेंस के बटत में भी कटौती की जा सकती है ताकि खर्च कम हों। इसकी भरपायी के लिए डिजिटल मोड अपनाते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा अधिकारियों के वाहनों पर होने वाले खर्च को भी आंका जा रहा है ताकि पेट्रोल और डीजल पर होने वाले खर्चों में कटौती की जाए। साथ ही नई भर्तियां न करते हुए विभागों में लोगों की कमीको अन्य विभागों में कार्य कर रहे ज्यादा लोगों को ट्रांसफर करके पूरी करने की भी तैयारी चल रही है और तब भी काम नहीं बनता है तो कार्य को आउटसोर्स कर दिया जाएगा।

इस लिहाज से कांट्रेक्ट स्टाफ को परमानेंट करने का फैसला भी टल सकता है और जो लोग इस आस में बैठे हैं कि जल्द वो परमानेंट हो जाएगें और सरकारी सुख सुविधा का लाभ उठा सकेंगे उन्हें झटका लग सकता है। वहीं इस कटौती पर आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांता दास का कहना है कि हम उतनी ही राहत दे सकते हैं, जितने वित्तीय संसाधन उसके पास हैं। ज्यादा राहत देने के लिए ज्यादा वित्तीय संसाधन बढ़ाने होंगे।

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