महिला कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दोगुने से ज्यादा मिलेगा मातृत्व अवकाश
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निजी कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं के लिए जल्द ही एक खुशखबरी आ सकती है। केन्द्र सरकार जल्द ही निजी कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) की सीमा 12 हफ्तों से बढ़ाकर 26 हफ्तों तक करना चाहती है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सोमवार को ये बात कही। उन्होंने कहा कि श्रम मंत्रालय मातृत्व अवकाश में बढ़ोतरी करने के लिए तैयार है। मेनका ने श्रम मंत्रालय को यह भी तर्क दिया कि बच्चे के जन्म के बाद उसे 6 महीने तक मां का दूध पिलाना जरूरी होता है।
आपको बता दें कि गर्भवती महिलाओं को मातृत्व अवकाश के दौरान पूरा वेतन दिया जाता है। इस छुट्टी का कोई पैसा कर्मचारी के वेतन से नहीं कटता है।
32 हफ्तों का भी है प्रस्ताव
मेनका गांधी की तरफ से उठाए गए इस कदम के बाद अब जल्द ही श्रम मंत्रालय मैटरनिटी बेनेफिट एक्ट 1961 में संशोधन करने जा रहा है। इस संशोधन के बाद महिलाओं को 12 हफ्तों की जगह 26 हफ्तों की छुट्टी मिलेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि वह इस छुट्टी की सीमा को 8 महीने यानी 32 हफ्तों तक बढ़ाना चाहते हैं, जिसकी वे पूरी कोशिश करेंगे।