KFC रेस्टोरेंट में खाना खाने वाले ये खबर पढ़ लें
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सड़क किनारे खुले में ठेले पर बिकने वाली खाद्य सामग्री हो या किसी बड़ी कंपनी का रेस्टोरेंट, कोई भी भरोसे लायक नहीं रह गया है।
ताजा मामले में मिलावट की पुष्टि होने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने यम रेस्टोरेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को एक साथ दो नोटिस जारी कर दिए हैं। इसे लोग केएफसी रेस्टोरेंट के नाम से जानते हैं।
केएफसी में तेल को ताजा बनाए रखने के लिए प्रतिबंधित पाउडर का इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही जांच रिपोर्ट में पामोलिन ऑयल सब स्टैंडर्ड पाया गया। उसमें रेंसिडिटी पॉजिटिव मिली, जो सेहत के लिए घातक है।
विभाग की टीम ने कुछ दिनों पहले सिविल लाइंस स्थित केएफसी रेस्टोरेंट में छापा मारा था। वहां से पॉमोलिन ऑयल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया।
सब स्टैंडर्ड मिला पामोलिन ऑयल
इसके अलावा टीम को वहां से मिरैकल पाउडर मिला था। पूछताछ में बताया गया था कि चार-पांच बार तेल में कोई चीज तलने के बाद तेल को ताजा बनाए रखने के लिए मिरैकल पाउडर मिलाया जाता है।
इस पर अफसरों ने विभागीय विशेषज्ञों से पूछा था कि तेल में मिरैकल पाउडर का इस्तेमाल ठीक या गलत। विभाग के अभिहित अधिकारी हरिमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। जांच में पामोलिन ऑयल सब स्टैंडर्ड मिला है।
साथ ही उसमें रेंसिडिटी पॉजिटिव पाई गई जबकि इसे निगेटिव होना चाहिए था। रेंसिडिटी पॉजिटिव होने पर ऑक्सीजन से संपर्क आते ही अम्लीय हो जाती है, जो सेहत के लिए खतरनाक है।
मिरैकल पाउडर के बारे में भी विशेषज्ञों ने रिपोर्ट दी है कि किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री में उसका उपयोग नहीं किया जा सकता है।
खाद्य सामग्री में इस पाउडर को मिलाया जाना प्रतिबंधित है। इन दोनों मामलों में केएफसी को दो अलग-अलग नोटिस जारी कर एक माह में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए गया है। निर्धारित समय सीमा के बाद मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई होगी।