एक बडे़ बिजनेसमैन ने उठाई मोदी सरकार पर उंगली
सॉफ्टवेयर की तरह ही हार्डवेयर के क्षेत्र में भी भारत विश्व में सबसे आगे होता, लेकिन सरकार की गलत नीतियों की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। यह कहना है आईटी क्षेत्र के दिग्गज और इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति का।
नागपुर में एक समारोह में पहुंचे मूर्ति ने देश के आईटी क्षेत्र में बहुसंस्कृति अपनाकर दुनिया भर के लोगों को इसमें शामिल करने का सुझाव दिया।
इंजीनियर्स फोरम ने इंजीनियर्स डे पर नागपुर में एक कार्यक्रम में नारायण मूर्ति को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने वैश्विक आईटी क्षेत्र को लेकर अपनी बात रखी।
सॉफ्टवेयर में आगे, हार्डवेयर में पीछे
मूर्ति ने कहा कि सॉफ्टवेयर में भारत आगे है, लेकिन यह आज भी हार्डवेयर में पीछे है। उन्होंने बताया, ‘हार्डवेयर के मामले में विश्व स्तर पर चीन सबसे आगे है।
भारत के पास भी यह क्षमता थी, लेकिन 1975 और 1991 के बीच की केंद्र की सरकारों की गलत नीतियों की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।’
भारतीय आईटी सेक्टर के संस्थापक के तौर पर पहचाने जाने वाले मूर्ति ने कहा कि इसके बाद भी भारत ने सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में अच्छी पहचान बनाई है। जिसके परिणामस्वरूप यह सबसे ज्यादा रोजगार देनेवाला क्षेत्र बन गया है।
उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेजों से बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए उन्हें पूर्ण स्वायत्तता देने की पैरवी की।