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बैंकों के बाद अब सरकार जल्द कर सकती है BSNL-MTNL का विलय

Tue, 10 Sep 2019 09:09 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 10 Sep 2019 09:09 AM IST
सार

  • बांड अदला-बदली के रूप में किया जाएगा पूंजी विलय
  • इससे पहले सरकार दोनों कंपनियों को आवंटित करेगी 4जी स्पेक्ट्रम
  • कंपनियों की 4जी सेवा शुरू करने में लग सकता है तीन से छह महीने का समय

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Government may soon merge MTNL and BSNL as companies are in loss
बीएसएनएल - फोटो : PTI

विस्तार

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय का एलान करने के बाद सरकार की निगाह घाटे में चल रही दूरसंचार कंपनियों पर है। सरकार जल्द ही संकट से जूझ रही बीएसएनएल और एमटीएनएल की पूंजी के विलय पर फैसला कर सकती है। इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट दोनों कंपनियों को 4जी स्पेक्ट्रम का लाइसेंस जारी करेगा।

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मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट की इसी महीने होने वाली बैठक में दोनों दूरसंचार कंपनियों को 4जी स्पेक्ट्रम देने पर मुहर लग सकती है। इस पर पहले ही सॉलिसिटर जनरल से कानूनी मशविरा ले लिया गया है और मामले को प्रशासनिक इकाई के पास भेज दिया गया है। कैबिनेट को फैसला लेने से पहले यह क्लीयरेंस लेना जरूरी था। स्पेक्ट्रम नीलामी में हिस्सा नहीं लेने के बावजूद बीएसएनएल और एमटीएनएल ने सबसे ऊंची बोली लगाई और स्पेक्ट्रम हासिल किया है। इसके बाद दूरसंचार विभाग कोष पर विलय को लेकर नोटिफिकेशन जारी करेगा। दोनों कंपनियों के कोष की अदला-बदली बांड के रूप में की जाएगी। 

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स्पेक्ट्रम की पूरी लागत देगी सरकार

बीएसएनएल और एमटीएनएल को 4जी स्पेक्ट्रम मुहैया कराने की पूरी लागत इस बार सरकार वहन करेगी। पहले हुए करार के तहत सरकार 50 फीसदी पूंजी लगाती और बाकी 50 फीसदी दोनों कंपनियों को लगाना होता। लेकिन इनके नकदी संकट को देखते हुए सरकार पूरा खर्च उठाने को तैयार है। एक अनुमान के मुताबिक, दोनों कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन में करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी।

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नकदी संकट से नहीं दे पा रहीं वेतन

दोनों सरकारी दूरसंचार कंपनियों में भीषण नकदी संकट चल रहा है। बीएसएनएल ने अपने 1.76 लाख कर्मचारियों को अगस्त महीने का वेतन नहीं दिया है, जबकि एमटीएनएल ने भी करीब 22 हजार कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं दिया है। दोनों ही कंपनियों का सबसे ज्यादा खर्च वेतन पर ही होता है। बीएसएनएल में जहां कुल आय का 75.06 फीसदी हिस्सा वेतन पर लगाना पड़ता है, वहीं एमटीएनएल में यह आंकड़ा 87.15 फीसदी है। इसके मुकाबले, निजी कंपनियों में देखें तो यह आंकड़ा महज 2.9 से 5 फीसदी होता है। 

सभी सेवा क्षेत्रों में पहुंचेगा 4जी नेटवर्क

बीएसएनएल ने अपने सभी सेवा क्षेत्रों में एकसाथ 4जी स्पेक्ट्रम पहुंचाने के लिए 5 मेगाहर्ट्ज का अतिरिक्त स्पेक्ट्रम भी खरीदा है। हालांकि, यह सेवा राजस्थान में नहीं मिल सकेगी, वहां के लिए कंपनी ने 5 मेगाहर्ट्ज और 800 मेगाहर्ट्ज का अलग बैंड लेगी। इसकी कुल लागत 14 हजार करोड़ रुपये आएगी। इसी तरह, एमटीएनएल भी करीब 6 हजार करोड़ रुपये की लागत से यह बैंड हासिल करेगी।

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