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इन कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 22,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है सरकार
Thu, 07 May 2020 12:00 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Thu, 07 May 2020 12:00 PM IST
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केंद्र सरकार जल्द ही आईटीसी और एक्सिस बैंक में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच सकती है। ऐसा करने पर सरकार 22,000 करोड़ रुपये जुटा सकेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस हफ्ते अंत तक या अगले हफ्ते की शुरुआत में यह लेनदेन हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि शेयर बाजार में बल्क डील के जरिए यह ट्रांजेक्शन हो सकती है।
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मालूम हो कि आईटीसी एफएमसीजी, हॉस्पिटैलिटी और सिगरेट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की अग्रणी कंपनी है। वहीं एक्सिस बैंक निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में से एक है। जब किसी लिस्टेड कंपनी के 0.5 फीसदी से अधिक शेयर किसी एक सौदे में बेचे जाते हैं, तो उसे बल्क डील कहा जाता है।
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इन कंपनियों में इतनी है सरकार की हिस्सेदारी
जानकारी के अनुसार, सरकार की इन दोनों में यह हिस्सेदारी स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ दी यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एसयूयूटीआई) के माध्यम से है। आईटीसी में इसकी हिस्सेदारी 7.94 फीसदी और एक्सिस बैंक में 4.69 फीसदी है। मंगलवार को शेयर बाजार के बंद होने पर इन दोनों कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी का मूल्य 22,123 करोड़ रुपये था।
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तीन माह में इतने गिरे शेयर
वहीं बुधवार के कारोबार में इन दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इसलिए सरकार को थोड़ा कम पैसा मिल सकता है। पिछले तीन माह में एक्सिस बैंक के शेयर 53 फीसदी गिरे हैं। साथ ही बैंक के डूबे कर्ज में भी इजाफा हुआ है। आईटीसी की बात करें, तो इसके शेयर करीब 19 फीसदी गिरे हैं। अगर सरकार इन कंपनियों में तीन महीने पहले हिस्सेदारी बेचती, तो मूल्यांकन से 24 फीसदी ज्यादा रकम मिल सकती थी।
ये है सरकार का लक्ष्य
चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने विनिवेश के जरिए 2.1 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का 90,000 करोड़ रुपये का आईपीओ और आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी शामिल है।
वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार ने विनिवेश के जरिए 1.05 लाख करोड़ रुपये मिलने का लक्ष्य रखा था। हालांकि बाद में इस लक्ष्य को संशोधित कर 65 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया था।