फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   fortis hospital row: younger brother to take back complaint aginst elder one in nclt

फोर्टिस विवादः बड़े भाई मालविंदर के खिलाफ एनसीएलटी से शिकायत वापस लेंगे शिवइंदर सिंह

Thu, 13 Sep 2018 04:52 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 13 Sep 2018 04:52 PM IST
विज्ञापन
fortis hospital row: younger brother to take back complaint aginst elder one in nclt
फोर्टिस हेल्थकेयर में दो भाईयों के बीच चल रही लड़ाई समाप्त होने की ओर है। कंपनी के पूर्व प्रवर्तक शिवइंदर मोहन सिंह राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में अपने बड़े भाई मालविंदर सिंह तथा रेलिगेयर के पूर्व प्रमुख सुनील गोधवानी के खिलाफ याचिका वापस लेने जा रहे हैं। शिविंदर ने इस बारे में एनसीएलटी में आवेदन किया है। 
विज्ञापन


शिवइंदर ने इससे पहले आरोप लगाया था कि उनके बड़े भाई तथा गोधवानी की गतिविधियों की वजह से कंपनियों तथा उनके शेयरधारकों का हित प्रभावित हुआ है। शिवइंदर मोहन सिंह ने कहा, मैंने एनसीएलटी में याचिका वापस लेने के लिए आवेदन कर दिया है। उन्होंने बताया, मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू की गई है। यदि इससे बात नहीं बनती है तो मेरे पास अपील दोबारा दायर करने का विकल्प होगा।
विज्ञापन


यह लगाया था आरोप

शिवइंदर ने एनसीएलटी में दाखिल याचिका में आरएचसी होल्डिंग, रेलिगेयर और फोर्टिस में कुप्रबंधन का आरोप लगाया गया है जिसकी वजह से कंपनी, शेयरहोल्डर और कर्मचारियों को नुकसान हुआ। याचिका में रेलीगेयर के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी को भी प्रतिवादी बनाया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि फोर्टिस के शेयरधारकों ने पिछले महीने मलेशिया की आईएचएच के साथ 7,100 करोड़ रुपए के सौदे को मंजूरी दी थी। मलेशियाई कंपनी इसमें नियंत्रक हिस्सेदारी लेगी। 

अब तक मुंह बंद रखा, अब नहीं रख सकता : शिवइंदर सिंह 

शिवइंदर ने लिखा है, "दो दशक से लोग मलविंदर और मुझे एक दूसरे का पर्याय समझते थे। हकीकत यह है कि मैं हमेशा उनका समर्थन करने वाले छोटे भाई की तरह था। मैंने सिर्फ फोर्टिस के लिए काम किया। 2015 में राधास्वामी सत्संग, ब्यास से जुड़ गया। मैं भरोसेमंद हाथों में कंपनी छोड़ गया था।


लेकिन दो साल में ही कंपनी की हालत खराब हो गई। परिवार की प्रतिष्ठा के कारण अब तक चुप रहा। ब्यास से लौटने के बाद कई महीनों से कंपनी संभालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन विफल रहा।" 

(इनपुट-पीटीआई)
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed