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DGCA ने कहा, केवल बदले गए पीडब्ल्यू इंजनों वाले विमान उड़ाएं इंडिगो व गोएयर
Wed, 16 Sep 2020 11:16 AM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Wed, 16 Sep 2020 11:16 AM IST
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इंडिगो
- फोटो : FACEBOOK
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विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने निजी क्षेत्र की विमानन कंपनियों इंडिगो और गोएयर से केवल उन्हीं विमानों को उड़ाने के लिए कहा है जिन विमानों में प्रैट एंड व्हिटनी (पीडब्ल्यू) के ठीक किए गए इंजन लगे हों।
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नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इंडिगो और गोएयर के बेड़े में शामिल पीडब्ल्यू इंजन वाले ए320 नियो विमान वर्ष 2016 में शामिल होने के बाद से ही समय-समय पर हवा में और जमीन पर दोनों जगह गड़बड़ी करते रहे हैं।
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पुरी ने ट्विटर पर कहा कि इंडिगो के बेड़े में ए320 नियो और ए321 नियो के कुल 134 विमान हैं और उन सभी में सुधार किए गए पीडब्लयू इंजन लगे हैं। वहीं गोएयर के पास ए320 नियो के 46 विमान हैं और इनमें से 30 में ही सुधारे गए पीडब्ल्यू इंजन लगे हैं।
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नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस साल की शुरुआत में ही दोनों एयरलाइन, इंडिगो और गोएयर को उनके विमानों सभी पुराने पीडब्ल्यू इंजनों को 30 मई तक बदलने के लिए कहा था। डीजीसीए ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए जून में इस समयसीमा को बढ़ाकर अगस्त अंत तक कर दिया था।
13 जनवरी को डीजीसीए ने कहा था कि अपरिवर्तित पीडब्ल्यू इंजनों में 'असुरक्षित स्थितियां हैं जिससे अवांछनीय परिणाम सामने आ सकते हैं और इसलिए उन्हें हटाने की जरूरत है।'
मालूम हो कि अक्तूबर 2019 में एक हफ्ते के दौरान इंडिगो द्वारा संचालित एयरबस ए320 नियो विमानों में चार बार विमानों का हवाईअड्डे के प्रस्थान स्थान पर वापस लाए जाने (एयर टर्न बैक) या उड़ान के दौरान इंजन बंद होने (इनफ्लाइट शटडाउन) की घटना सामने आई थी। ये घटनाएं पीडब्ल्यू इंजनों के तीसरे चरण के एलपीटी (लो प्रेशर टर्बाइन) ब्लेडों के काम न करने की वजह से हुई थी।