फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   Coronavirus effect on indian economy, indian banking system and companies

कोरोना संकट: आर्थिक सुस्ती से भारतीय कंपनियों और बैंकिंग तंत्र पर बढ़ेगा जोखिम

Fri, 03 Apr 2020 06:19 AM IST
संजीव कुमार झा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 03 Apr 2020 06:19 AM IST
विज्ञापन
Coronavirus effect on indian economy, indian banking system and companies
moody

कोरोना वायरस से ठप पड़ी औद्योगिक गतिविधियों का भारतीय कंपनियों और बैंकिंग तंत्र पर गहरा असर पड़ेगा। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने बृहस्पतिवार को बताया कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की 20% गैर वित्तीय कंपनियां बंद हो सकती हैं। मूडीज ने भारतीय बैंकों का परिदृश्य घटाकर निगेटिव कर दिया है।

विज्ञापन


मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज ने रिपोर्ट में कहा, महामारी से गैर वित्तीय क्षेत्र की 20% कंपनियों को ऊंचे जोखिम का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि ये उपभोक्ता मांग में आ रहे बदलाव और वैश्विक यात्रा पर लगे अंकुश को सहन नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन


इनकी ऋण गुणवत्ता कमजोर पड़ सकती है। इसके अलावा, 27% कंपनियों को वित्त पोषण की परेशानियों से जूझना पड़ेगा, सिर्फ 36% कंपनियां ही मौजूदा संकट से उबरने में कामयाब होंगी। एयरलाइन, ऑटो, वाहन कलपुर्जे, तेल एवं गैस, गेमिंग, पोत परिवहन, खुदरा और होटल क्षेत्र पर सबसे असर होगा। मूडीज ने कहा, कॉरपोरेट, छोटे एवं मझोले उद्योगों और खुदरा क्षेत्र में गिरावट से बैंकों की पूंजी और मुनाफे पर भी असर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे बैंकों की संपत्तियों की गुणवत्ता घटेगी। लिहाजा भारतीय बैंकों के परिदृश्य को स्थिर से घटाकर नकारात्मक किया जा रहा है। आर्थिक गतिविधियों में तेज गिरावट और बेरोजगारी बढ़ने से कंपनियों के साथ नागरिकों की माली हालत खराब होगी जिससे बैंकों पर दबाव बढ़ेगा।

भारतीय कंपनियों का ऋण अनुपात तीन साल में सबसे कम

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा है कि भारतीय कंपनियों का ऋण अनुपात चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। ऋण अनुपात का मतलब किसी कंपनी की आय के सापेक्ष उसके कर्ज दायित्व से है।

सितंबर 2019 से मार्च 2020 तक क्रेडिट रेशियो 0.77% हो गया, जो पहले छह महीने 1.21% था। इसी अवधि में आय के मुकाबले कर्ज की खपत 0.25% से 1.24% हो गई। देश में 35 औद्योगिक क्षेत्रों पर 23 लाख करोड़ का कर्ज है।

लॉकडाउन से रोजाना 35.38 हजार करोड़ का नुकसान

कोरोना संकट से जारी लॉकडाउन से रोजाना 35.38 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। एक्यूट रेटिंग्स एंड रिसर्च लिमिटेड ने बताया कि कारोबार ठप होने और यातायात व हवाई सेवा बंद होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को 21 दिन के लॉकडाउन में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

रेटिंग एजेंसी के अनुसार, 2020-21 में विकास दर 2 से 3 फीसदी तक रह सकती है, जिसमें थोड़ा बहुत सुधार दूसरी छमाही में ही आने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed