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डॉलर में कर्ज लेने वाली कंपनियों की साख को खतरा, 13 फीसदी तक कमजोर हो चुका है रुपया इस साल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 10 Sep 2018 05:39 PM IST
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रुपये में लगातार देखी जा रही कमजोरी भारतीय कंपनियों की साख के लिए नकारात्मक है, जिनकी आय तो रुपये में होती है, लेकिन जो अपने कारोबार के संचालन के लिए डॉलर मुद्रा कर्ज लेते हैं। यह बात मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने सोमवार को कही। रुपया 2018 में अब तक 13 फीसदी कमजोर हो चुका है और इसने डॉलर के मुकाबले 72.67 का रिकॉर्ड निचला स्तर छू लिया है।
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मूडीज के वाइस प्रेसिडेंट और सीनियर क्रेडिट अधिकारी अनालिसा डिचियारा ने कहा कि हालांकि रेटिंग की जाने वाली अधिकतर भारतीय कंपनियों ने कई तरह से सुरक्षा की व्यवस्था कर ली है, जिनमें शामिल हैं प्राकृतिक हेज, डॉलर में कुछ आय, वित्तीय हेज, ताकि बृहस्पतिवार (छह सितंबर) की दर (डॉलर के मुकाबले 72.11) से डॉलर के मुकाबले रुपये में 10 फीसदी और संभावित गिरावट के कारण साख पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को सीमित किया जा सके।
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रेटिंग एजेंसी ने कहा कि ऊंची यील्ड और निवेश ग्रेड श्रेणियों में मूडीज जिन 24 भारतीय कंपनियों की रेटिंग करती है, उनमें से 12 कंपनियों की अधिकांश आय डॉलर में होती है या उन्होंने डॉलर में ठेकों का मूल्य निर्धारण किया है। इससे उन कंपनियों को प्राकृतिक हेज हासिल होता है। इस तरह से रुपये में कमजोरी से आय पर होने वाला असर उन कंपनियों के लिए सीमित हो जाता है।
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ये 24 कंपनियां आईटी, तेल एवं गैस, रसायन, वाहन, कमोडिटी, इस्पात और रियल एस्टेट क्षेत्र की हैं।