फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   CCI Accused Amazon Of Concealing Facts And Making False Submissions on Deal with Future Group

फ्यूचर-रिलायंस डील: सीसीआई का आरोप, 2019 में सौदे के समय अमेजन ने छिपाए थे तथ्य

Thu, 22 Jul 2021 08:02 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Thu, 22 Jul 2021 08:02 PM IST
सार

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अमेजन पर आरोप लगाया है कि जब कंपनी ने फ्यूचर ग्रुप में 2019 के निवेश के लिए मंजूरी मांगी थी, तो उसने तथ्यों को छिपाया।

विज्ञापन
CCI Accused Amazon Of Concealing Facts And Making False Submissions on Deal with Future Group
रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड - फोटो : twitter: @CCI_India

विस्तार

फ्यूचर ग्रुप (एफआरएल) के साथ दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की कानूनी लड़ाई में नया मोड़ आ गया है। भारत के एंटीट्रस्ट रेगुलेटर ने अमेरिकी कंपनी पर आरोप लगाया है कि जब कंपनी ने फ्यूचर ग्रुप में 2019 के निवेश के लिए मंजूरी मांगी थी, तो उसने तथ्यों को छिपाया। साथ ही गलत जानकारी देने का आरोप भी लगाया है। 

विज्ञापन


न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इस संदर्भ में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अमेजन को एक पत्र भेजा है। यह पत्र फ्यूचर समूह के साथ अमेजन की कानूनी लड़ाई को और जटिल बनाता है। बता दें कि अमेजन ने फ्यूचर समूह द्वारा अपना रिटेल बिजनेस रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचने के फैसले पर आपत्ति जताई है। यह मामला अब भारत के सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है।
विज्ञापन


जानिए पूरा मामला
साल 2019 में अमेजन ने फ्यूचर समूह की गिफ्ट वाउचर इकाई में 49 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 1920 लाख डॉलर का भुगतान किया था। मामले में अमेजन का कहना है कि इस सौदे की शर्तें फ्यूचर समूह को फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के कारोबार को रिलायंस को बेचने से रोकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीसीआई ने क्या कहा?
चार जून को लिखे पत्र में सीसीआई ने कहा कि अमेजन ने जब सौदे के लिए मंजूरी मांगी तो उसने फ्यूचर रिटेल में अपनी रणनीतिक रुचि का खुलासा नहीं किया और लेनदेन के तथ्यात्मक पहलुओं को भी छिपाया। यह भी पाया गया कि सबमिशंस का किया गया रिव्यू, फ्यूचर समूह की एक शिकायत से प्रेरित था। अमेजन को कारण बताओ नोटिस देते हुए सीसीआई ने सवाल किया है कि गलत जानकारी देने के लिए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और उस पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।


इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने 22 फरवरी को अपने अंतरिम आदेश में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से इस विलय पर अंतिम आदेश पारित नहीं करने को कहा था। फ्यूचर समूह ने रिलायंस के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के लिए नियामकीय मंजूरियों को न्यायाधिकरण का रुख किया था। वहीं अमेजन ने दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने आठ फरवरी को एकल जज के एफआरएल तथा विभिन्न सांविधिक निकायों को इस सौदे पर यथास्थिति कायम रखने के आदेश पर रोक लगा दी थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed