बजट से पहले लागू हुआ ई-वे बिल सिस्टम, 50 हजार से ऊपर का सामान भेजना होगा आसान
बजट से पहले पूरे देश में ई-वे बिल प्रणाली आज से लागू हो गई है, जिसके बाद हर राज्य के लिए अलग-अलग परिवहन पास की जरूरत नहीं होगी। वहीं 1 जून से इंटर-स्टेट ट्रांसपोर्ट पर ई-वे बिल लागू होगा। गौरतलब है कि आज ही वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में बजट भाषण पढ़ेंगे।
सामान ले जाने में होगी आसानी
इस प्रणाली में ई-बिल के माध्यम से देश भर में सामान ले जाने वाले वाहन वैध होंगे। जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि हर राज्य में 10 किलोमीटर अंदर प्रवेश करने वाले वाहन जिसमें 50,000 रुपये या उससे अधिक के मूल्य के सामान हैं, उसके लिए एक फरवरी 2018 ई-वे बिल अनिवार्य होगा।
जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रकाश कुमार का कहना है कि इसे शुरू करने के बाद करदाताओं और ट्रांसपोर्टरों को किसी भी टैक्स कार्यालय या चेक पोस्ट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिक रूप से तैयार किया जा सकता है और इसमें खुद से पैसे कट जाएंगे। बड़े उपयोगकर्ता इस ई-वे बिल की नई प्रणाली को पोर्टल पर मोबाइल ऐप, एसएमएस और ऑफलाइन टूल के जरिए उपयोग कर सकते हैं।
क्या है ई-वे बिल
ई-वे बिल के तहत 50,000 रुपये से अधिक के अमाउंट के प्रोडक्ट की राज्य या राज्य से बाहर ट्रांसपोर्टेशन या डिलीवरी के लिए सरकार को पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए बताना होगा। इसके तहत ई-वे बिल जनरेट करना होगा जो 1 से 15 दिन तक मान्य होगा।
यह मान्यता प्रोडक्ट ले जाने की दूरी के आधार पर तय होगा। जैसे 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1 दिन का ई-बिल बनेगा, जबकि 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए 15 दिन का ई-बिल बनेगा।
उल्लेखनीय है कि ई-वे बिल प्रणाली पहले से ही कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड और केरल में शुरू हो चुकी है। अब तक इन राज्यों में प्रतिदिन लगभग 1.4 लाख ई-वे बिल बनते हैं। शेष राज्य अगले पखवाड़े में इसमें शामिल होंगे।