बर्नाल्ड अर्नाल्ट ने 1.16 लाख करोड़ में खरीदी 182 साल पुरानी आभूषण कंपनी टिफनी
विश्व में बिल गेट्स और अमेजन संस्थापक जेफ बेजोस के बाद तीसरे नंबर पर अमीर शख्स बर्नाल्ड अर्नाल्ट ने अमेरिका की 182 साल पुरानी ज्वैलरी कंपनी टिफनी को खरीद लिया है। यह डील 1.16 लाख करोड़ रुपये (16.2 अरब डॉलर) में हुई है। बर्नाल्ड की खुद की नेटवर्थ 7.17 लाख करोड़ रुपये है। वे दुनिया की सबसे बड़ी लग्जरी फैशन ब्रांड कंपनी एलएमवीएच के मालिक भी हैं। इस कंपनी के पास बुल्गारी, क्रिश्चियन डायर, फेंडी, लुइस वेटन और घड़ियों का ब्रांड टैग ह्युर जैसे ब्रांड भी हैं।
अब तक की सबसे बड़ी डील
टिफनी को खरीदकर एलएमवीएच ने अब तक की सबसे बड़ी डील की है। टिफनी की शुरुआत 1837 में न्यूयॉर्क में हुई थी। 2015 से इसके मुनाफे में लगातार कमी हो रही थी। टिफनी के दुनिया भर में 300 से अधिक स्टोर और 14 हजार के करीब कर्मचारी हैं। कंपनी के प्रोडक्ट की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले ब्लू बॉक्स इसकी खास पहचान हैं।
मिलेगा एलएमवीएच को विस्तार
टिफनी को खरीदने से एलवीएमएच अमेरिका में विस्तार करने में भी मदद मिलेगी। कंपनी की आय में अमेरिका की सिर्फ एक चौथाई हिस्सेदारी है, जबकि टिफनी को वहां से 40 फीसदी आय होती है। टिफनी का चीन में कारोबार बढ़ा है। कंसल्टेंसी फर्म बेन एंड कंपनी के मुताबिक लग्जरी इंडस्ट्री में पिछले साल ज्वेलरी का काफी अच्छा प्रदर्शन रहा।
इतना है दोनों कंपनियों का मार्केट कैप
टिफनी का मार्केट कैप 15 अरब डॉलर (1.07 लाख करोड़ रुपये) और एलवीएमएच का 220 अरब डॉलर (15.77 लाख करोड़ रुपये) है। बर्नाड की जो संपत्ति है वो फ्रांस की अर्थव्यवस्था का चार फीसदी है। वो फ्रांस के निवासी हैं और फिलहाल लग्जरी उत्पाद बनाने वाली कंपनी एलवीएमएच के चेयरमैन और सीईओ हैं।
1989 से हैं चेयरमैन
अर्नाल्ट ने 1984 में लग्जरी बाजार में कदम रखा था। तब उन्होंने दिवालिया हो चुकी कंपनी को खरीदा जो क्रिश्चयन डियोर के नाम से उत्पाद बेचती थी। हालांकि उसके बाद उन्होंने अपने सभी बिजनेस को बेच दिया और एलवीएमएच में प्रमुख हिस्सेदारी खरीद ली। 1989 से वो कंपनी के चेयरमैन और सीईओ हैं।
70 ब्रांड के मालिक
अर्नाल्ट फिलहाल 70 ब्रांडों के मालिक हैं। इनमें टैग हॉयर, डी बियर्स, बुलगारी, थॉमस पिंक, फेंडी जैसी नामी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने नेटफ्लिक्स और ब्लू कैपिटल में भी निवेश कर रखा है।