DHFL की रेटिंग घटने से म्यूचुअल फंड में 75 फीसदी तक घटेगा कंपनियों का एनएवी
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देश की सबसे बड़ी एनबीएफसी कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (DHFL) की रेटिंग घटने से म्यूचुअल फंड कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। कंपनी की रेटिंग इसलिए घटा दी गई है क्योंकि यह हजार करोड़ रुपये का ब्याज समय पर नहीं चुका पाई है। इससे पहले 28 मई को कंपनी के प्रवर्तकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुआ था।
मांगी सात दिन की मोहलत
कंपनी फिलहाल अपने कई फाइनेंसर्स से बात कर रही है और सात दिनों की मोहलत मांगी है ताकि 1000 करोड़ रुपये का ब्याज वो चुका सके। एक सूत्र ने बताया कि डिबेंचर ट्रस्ट डीड ने कंपनी को ब्याज चुकाने के लिए एक हफ्ते का वक्त दे दिया है।
इन म्यूचुअल फंड पर पड़ेगा असर
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, यूटीआई म्यूचुअल फंड और कुछ निजी बैंक जैसे कि एक्सिस बैंक इंडसइंड बैंक सहित अन्य बैंकों ने डीएचएफएल में निवेश किया था। कुछ रिटेल इनवेस्टर्स ने भी कंपनी में पैसा लगाया था।
कंपनी अगर ब्याज को नहीं चुका पाती है तो फिर म्यूचुअल फंड कंपनियां डीएचएफएल में अपने निवेश की नेट एसेट वैल्यू 75 फीसदी तक घटा देंगे ताकि रीडम्पशन का दबाव ना बढ़े। असल में जब भी कोई कंपनी किसी निवेश के भुगतान पर डिफॉल्ट करती है तो निवेशक भयभीत होकर अपना पैसा निकालने लगते हैं।
पिछले साल जून में डीएचएफएल ने पब्लिक इश्यू बॉन्ड के जरिए 11,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी ने ये नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर्स 8.90 फीसदी से लेकर 9.10 फीसदी यील्ड के हिसाब से लांच किए थे।
जारी हुआ था लुकआउट नोटिस
देश की सबसे बड़ी एनबीएफसी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन के प्रवर्तकों के खिलाफ 28 मई को लुकआउट नोटिस जारी हुआ था। इसके बाद कंपनी के शेयर चार फीसदी तक गिर गए। मुखौटा कंपनियों में पैसे जमा करने के आरोप में सरकार ने प्रवर्तकों और निदेशकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया। बीएसई पर कंपनी के शेयर 3.57 फीसदी गिरकर 114.80 के भाव रहे, जबकि एनएसई पर 3.65 फीसदी गिरावट के साथ 110.85 के भाव पर पहुंच गए।