स्वास्थ्य क्षेत्र में देश की अग्रणी मीडिया कंपनी अमर उजाला ने खरीदी बड़ी हिस्सेदारी
- स्वास्थ्य क्षेत्र में देश की अग्रणी मीडिया कंपनी ने लगाया बड़ा दांव
- अमर उजाला ने 130 करोड़ रुपये में खरीदी साइग्नस मेडिकेयर की बड़ी हिस्सेदारी
- 1,000 बिस्तर वाले 10 सुपर स्पेशियल्टी अस्पतालों का परिचालन करती है कंपनी
- अगले तीन साल में अस्पतालों की संख्या बढ़ाकर 20 करने की है योजना
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अग्रणी मीडिया कंपनी अमर उजाला लिमिटेड ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा दांव लगाया है। कंपनी ने आधुनिक अस्पतालों की श्रृंखला का संचालन करने वाली कंपनी साइग्नस मेडिकेयर की बहुलांश हिस्सेदारी करीब 130 करोड़ रुपये में खरीद ली है। अमर उजाला की अगले तीन साल में अपने अस्पतालों की संख्या 20 तक पहुंचाने की है। साइग्नस मेडिकेयर फिलहाल दिल्ली और हरियाणा में 10 सुपर स्पेशियल्टी अस्पतालों का परिचालन कर रही है, जिनमें कुल एक हजार से अधिक बिस्तर हैं।
अमर उजाला लिमिटेड के निदेशक प्रोबाल घोसाल ने कहा, ‘हमने साइग्नस मेडिकेयर के साथ उसके 10 अस्पतालों के लिए करीब 130 करोड़ रुपये का एक सौदा किया है। हमने इस पोर्टफोलियो में पहले से परिचालित अपने दो अस्पताल भी जोड़े हैं।’ उन्होंने कहा कि कंपनी ने प्रबंधन पर नियंत्रण के साथ साइग्नस मेडिकेयर की बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया गया है। अधिग्रहण के लिए पूंजी जुटाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘यह सौदा आंतरिक स्रोतों से मिली पूंजी से किया गया है।’
अमर उजाला ने कहा कि 130 करोड़ रुपये के निवेश में दो उजाला हैल्थकेयर अस्पतालों के विलय की शुरुआती प्रतिबद्धता के साथ ही द्वितीयक निवेश शामिल हैं, जो प्रमुख निवेशकों (एंजल इन्वेस्टर्स) को निकलने और मौजूदा संस्थागत निवेशकों को आंशिक निकासी का विकल्प उपलब्ध कराता है।
किसके पास कितनी हिस्सेदारी
विलय के बाद बनने वाली नई इकाई में अमर उजाला के पास अपनी स्वास्थ्य इकाई के माध्यम से प्रबंधन पर नियंत्रण के साथ ही बड़ी हिस्सेदारी होगी और बाकी हिस्सेदारी एट रोड वेंचर्स, सोमरसेट इंडस, इवॉल्वेंस इंडिया, पूर्व प्रवर्तकों डॉ. दिनेश बत्रा और डॉ. शुचिन बजाज के पास होगी।
हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित पूरे उत्तर भारत पर होगा जोर
कंपनी द्वारा अपनाए जाने वाले कारोबारी मॉडल के संबंध में घोषाल ने कहा, ‘हम एसेट लाइट मॉडल पर काम करते हैं। हम लंबी अवधि के लिए अस्पतालों को किराये पर लेते हैं और कभी-कभार राजस्व साझेदारी मॉडल भी अपनाते हैं।’ एसेट लाइट मॉडल में कंपनियां जमीन या संपत्तियां खरीदने के बजाय किराये पर लेकर काम करती हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी नई डिजिटल सेवाओं और समाधानों के माध्यम से प्राथमिक और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रही है। घोषाल ने कहा कि कंपनी हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
छोटे शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की योजना
उन्होंने कहा, ‘हम अच्छी गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने की जरूरत महसूस करते हैं। इस क्रम में हमने उत्तर भारत के टीयर 2 और टीयर 3 शहरों के लोगों के लिए काम करने के वास्ते उपक्रम स्थापित किया है।’
साइग्नस मेडिकेयर के प्रवर्तक दिनेश बत्रा ने कहा कि इस सौदे से टीयर 2 और 3 शहरों में गुणवत्तापूर्ण तृतीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘अमर उजाला और हम दोनों ही एसेट लाइट मॉडल को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके भारतीय बाजार में खासा चलन है और इसके विस्तार की संभावनाएं हैं।’ उन्होंने कहा कि कंपनी का मुख्य जोर छोटे शहरों में उच्च कुशल विशेषज्ञों को अपने साथ जोड़ने पर है।