एक जगह पर तीन साल से ज्यादा नहीं रहेंगे बैंक अफसर, सीवीसी ने जारी किए बैंकों को निर्देश
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पंजाब नेशनल बैंक में हुए महाघोटाले के बाद अब सभी पीएसयू और प्राइवेट बैंकों को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने नए निर्देश जारी किए हैं। अब से सभी बैंकों की ब्रांचों में तीन साल से अधिक समय से टिके अफसरों का ट्रांसफर किया जाएगा। आदेश को सभी बैंकों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
Central Vigilance Commission issues advisory to all public sector banks to transfer all officers who have completed 3 years as on 31st Dec 2017. CVC advisory also states that transfer of all clerical staff who have completed 5 years as on 31st Dec 2017 should be done immediately.
— ANI (@ANI) February 19, 2018विज्ञापन
5 साल से ज्यादा एक जिले में न रहे कर्मचारी
सीवीसी ने अपने आदेश में कहा है कि जिन कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2017 तक 5 साल एक ही बैंक की ब्रांच में हो गए हैं, उनका भी ट्रांसफर होना चाहिए। पंजाब नेशनल बैंक और नीरव मोदी का घोटाला उजागर होने के बाद केंद्रीय सतर्कता आयोग, वित्त मंत्रालय के कुछ अधिकारियों और बैंक के अधिकारियों पर शिकंजा कसने जा रहा है। अभी तक प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और इनकम टैक्स विभाग इस मामले की जांच में शामिल था। अब केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) भी जांच में शामिल हो गया है।
बैंकों ने शुरू की तैयारी
बैंकों ने भी सीवीसी का आदेश मिलने के बाद अपनी तरफ से तैयारी शुरू कर दी है। सभी बैंकों ने अपने-अपने जोनल ऑफिस को पत्र लिखकर ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट तैयार करने को कहा है जो कि 3 साल से ज्यादा समय से एक ब्रांच में तैनात हैं। आदेश में कहा गया है कि लिस्ट तैयार करते इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि एक भी अधिकारी छूट न जाए।
कई जगह लंबे वक्त से एक ही जगह अधिकारी तैनात
सीवीसी को अपनी जांच में पता चला है कि कई बैंकों की ब्रांचों में लंबे समय से कई अधिकारी और अन्य कर्मचारी लंबे समय से तैनात हैं। पीएनबी घोटाले में बैंक के पूर्व अधिकारी और मुख्य आरोपी गोकुलनाथ शेट्टी और विंडो ऑपरेटर मनोज खराट करीब 7 साल से एक ही ब्रांच में काम कर रहे थे। इससे पहले भी बैंकों में ऐसे कई मामले आए हैं जब एक ही पोस्ट पर तैनात अफसरों के चलते घोटाले हुए थे।