पीयूष गोयल ने दिया बयान, कहा - मल्टीब्रांड में FDI संबंधी नियम में बदलाव का प्रस्ताव नहीं
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि मल्टीब्रांड में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, गणेश सिंह और कुछ अन्य सदस्यों के पूरक प्रश्नों के जवाब में गोयल ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट व्यवस्था है कि जिस कंपनी में 49 फीसदी से अधिक एफडीआई होगा उसे मल्टीब्रांड में व्यापार करने की इजाजत नहीं होगी। इस व्यवस्था में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है।
पेंशन योजना पर भी दिया बयान
एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि हाल ही में सरकार की ओर से छोटे कारोबारियों के लिए घोषित पेंशन योजना के तहत हलफनामा देने की व्यवस्था की गई है क्योंकि मोदी सरकार को देश के व्यापारियों पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि पेंशन योजना के माध्यम से छोटे कारोबारियों के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है।
वहीं ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय व्यापार विभाग द्वारा आयोजित भारत दिवस कार्यक्रम के मौके पर भी गोयल ने अलग से कहा कि मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में 49 फीसदी एफडीआई सीमा का सभी विदेशी ब्रांडों को अक्षरश: पालन करना चाहिए।
बोरिस जॉनसन ने जताई निराशा
बता दें कि ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद की दौड़ में आगे माने जा रहे बोरिस जॉनसन ने हाल में इस बात पर निराशा जताई थी कि ब्रिटेन की खुदरा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां भारत में अपनी पैठ नहीं बना पाई हैं। जॉनसन ने कहा था कि वह चाहते हैं कि भारत ब्रिटेन के शानदार ब्रांडों के लिए अपने दरवाजे और खोले।
जॉनसन के हालिया बयान के बारे में पूछे जाने पर गोयल ने कहा, 'मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र के मोर्चे पर हम पूरी तरह स्पष्ट हैं कि विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी ही है।' उन्होंने कहा कि यह काफी सोच विचार कर बनाई गई नीति है। अभी हम इसमें बदलाव नहीं करने जा रहे।