अमेरिका-ईरान संकट से बिगड़ सकता है आपकी रसोई का बजट
अमेरिका और ईरान के बीच अगर युद्ध का संकट बढ़ता है, तो फिर इसका असर रसोई के बजट पर पड़ सकता हैं। जहां कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे से पेट्रोल 90 रुपये प्रति लीटर के पार जा सकता है। वहीं डीजल की कीमतें भी 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं।
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इसका असर आम-आदमी के रोजमर्रा के जीवन पर देखने को मिलेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे से मालभाड़ा बढ़ जाएगा, जिससे लोगों को दालें, सब्जियां महंगे दाम पर खरीदनी पड़ेंगी।
अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा और तेल की सप्लाई कम हुई तो जनवरी से मार्च के बीच कच्चे तेल की कीमत 78 डॉलर तक पहुंच सकती है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से रुपये में गिरावट आएगी। इन दोनों वजहों से पेट्रोल के दाम 10 से 12 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं। इससे रसोई गैस की कीमतों में भी अगले महीने इजाफा होने की उम्मीद है।
रुपये में आएगी और कमजोरी
आने वाले दिनों में रुपया डॉलर के मुकाबले और कमजोर हो सकता है। रुपये में कमजोरी से देश की अर्थव्यवस्था में और सुस्ती आ सकती है। शुक्रवार को वैश्विक तनाव के चलते डॉलर की तुलना में रुपया 42 पैसे कमजोर होकर 71.80 के स्तर पर पहुंच गया, जो लगभग डेढ़ महीने का निचला स्तर है।
विदेशी विनिमय बाजार में रुपया 71.56 पर खुला, लेकिन बाद में कमजोर होकर उसने 71.81 का निचला स्तर छूआ। आखिर में रुपया 71.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले 20 नवंबर को रुपया इस स्तर के आसपास रहा था। एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘अमेरिका-ईरान तनाव और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी से घरेलू मुद्रा पर दबाव बना है।’ साप्ताहिक आधार पर रुपये में 45 पैसे की कमजोरी दर्ज की गई।
फिलहाल पेट्रोल-डीजल से लेकर सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। दिल्ली में सोने की कीमत 752 रुपये बढ़कर 40,652 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। वहीं चांदी की कीमत 960 रुपये बढ़कर 48,870 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। 24 कैरेट सोने का दाम 40,652 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने कहा कि वर्ष 2020 में सोने के लिए 42 हजार रुपये का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन पीली धातु अब यह लक्ष्य तीन महीने में हासिल कर सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान में तनाव खासा बढ़ गया है।
वहीं, अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच भी समस्याएं बनी हुई हैं। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर सुस्ती जारी रहने के संकेत हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने पर दांव लगा सकते हैं।
सब्जियों की कीमतों में उछाल
कड़ाके की सर्दी में भी हरी सब्जियों के दाम रसोई के बजट पर भारी पड़ रहे हैं। हालांकि प्याज की कीमतों मे कमी आ रही है। अहमद नगर, नासिक, इंदौर व राजस्थान से प्याज की आवक बढ़ने के कारण प्याज के दाम मंडी में 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में इसकी कीमत गिरकर 35 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। एक महीने पहले वहां इसकी कीमत 86 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली की आजादपुर मंडी में भी इसकी कीमत कम होकर 57 रुपये प्रति किलो तक आ गई है। कारोबारियों का कहना है कि अगले सप्ताह यह 50 रुपये से नीचे आ जाएगी।
तेजी से तैयार हो रही है नई फसल
अधिकारी का कहना है कि खरीफ सीजन में बोयी गई प्याज की फसल अब तेजी से तैयार होने लगी है। इसलिए आने वाले दिनों में इसकी उपलब्धता तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, अभी करीब 50,000 टन प्याज के आयात का ऑर्डर या तो दे दिया गया है या फिर उसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विदेशी प्याज तेजी से भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने भी लगा है।
खाद्य तेल हुआ महंगा
दिसंबर के आखिरी सप्ताह में दालें महंगी होने का सिलसिला जारी रहा तो खाद्य तेलों के दाम भी उछले। पाम ऑयल, सरसों का तेल, सोयाबीन रिफाइंड, केनोला, राइस ब्रान ऑयल के दामों में इजाफा हुआ है। दिवाली के बाद से इनमें तेजी आ रही है, जो अभी तक जारी है।
सोयाबीन रिफाइंड के दाम 78 से 80 रुपये लिटर की जगह अब 98 से 105 रुपये के बीच पहुंच गए हैं। यही हाल सरसों तेल का है। सरसों तेल 102 रुपये लीटर पर है। दाल विक्रेता कृष्ण गोपाल ने बताया कि अरहर के साथ उड़द, मूंग और मसूर दाल के दामों में तेजी आई है। सप्ताह भर में दालों के दाम पांच से आठ रुपये किलो तक बढ़े हैं।