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1990 के दशक के बाद आधी हुई भारत की गरीबी दर: विश्व बैंक
Wed, 16 Oct 2019 07:30 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Wed, 16 Oct 2019 07:30 PM IST
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भारत ने 90 के दशक के बाद अपनी गरीबी दर को आधा कर दिया है और पिछले 15 साल से सात फीसदी से ज्यादा विकास दर को बरकरार रखे हुए है। विश्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि भारत वैश्विक विकास प्रयासों के लिए काफी महत्वपूर्ण है, जिसमें अत्यधिक गरीबी को खत्म करना और जलवायु परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दे से निपटना अहम है।
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आईएमएफ के साथ होने वाली सालाना बैठक से पहले विश्व बैंक ने कहा कि बीते 15 सालों में भारत ने सात फीसदी से ज्यादा की सालाना वृद्धि दर हासिल की है और लगातार मानवीय विकास में मजबूत सुधार कर रहा है। भारत की वृद्धि दर जारी है और गरीबी उन्मूलन भी पहुंच के भीतर है।
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विश्व बैंक के मुताबिक, वृद्धि दर को बरकरार रखने के लिए भारत को अधिक संसाधन दक्षता हासिल करनी होगी। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को 8.8 फीसदी की विकास दर पाने या 2030 तक सालाना 343 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश की जरूरत है। इसके अलावा वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए खासतौर पर ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करने की जरूरत होगी।
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एक अनुमान के मुताबिक, हर साल 1.3 करोड़ लोग कामकाजी उम्र की आबादी में प्रवेश करते हैं, जबकि सालाना केवल 30 लाख नौकरियां ही पैदा होती हैं। इसके अलावा, घटता श्रम बल भी भारत के लिए एक चुनौती है, जो शिक्षा में लिंग भेदभाव से पार पाने के बावजूद विश्व में सबसे कम 27 फीसदी है।
विश्व बैंक ने कहा कि भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों को मध्यम आय वाले देश की आकांक्षाओं से मेल खाने वाली सेवाएं देने के लिए आधुनिक बनाने की आवश्यकता होगी। इससे जवाबदेही और प्रभावशीलता में सुधार होगा।