Amit Shah: केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह बोले- 2027 तक दलहल उत्पादन में बनेंगे आत्मनिर्भर
Amit Shah: दिल्ली में 'दालों में आत्मनिर्भरता' पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विश्वास दिलाया कि किसानों के सहयोग से हम दिसंबर 2027 से पहले दलहन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएंगे।
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केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में नेफेड और एनसीसीएफ की ओर से "दालों में आत्मनिर्भरता" विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया। दिल्ली में 'दालों में आत्मनिर्भरता' पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि किसानों के सहयोग से हम दिसंबर 2027 से पहले दलहन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएंगे।"
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 2027 तक भारत को दालों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को तुअर दाल खरीद पोर्टल की शुरुआत की जिसके माध्यम से किसान पंजीकरण करा सकते हैं और अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य या बाजार मूल्य पर नेफेड और एनसीसीएफ को बेच सकते हैं।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि भविष्य में उड़द और मसूर के किसानों के साथ-साथ मक्का किसानों के लिए भी इसी तरह की सुविधा शुरू की जाएगी। मंत्री ने बहुभाषी पोर्टल के माध्यम से तुअर की बिक्री के लिए भुगतान के लिए नेफेड और एनसीसीएफ के साथ पंजीकृत 25 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से लगभग 68 लाख रुपये हस्तांतरित किए।#WATCH | At National Symposium on 'Self-Reliance in Pulses' in Delhi, Union Home & Cooperation Minister Amit Shah says, "I assure you that with the cooperation of farmers we will become self-reliant in the area of production of pulses before December 2027." pic.twitter.com/9zeSiwR5hG
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 4, 2024
भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) दो केंद्रीय नोडल एजेंसियां हैं जो बफर स्टॉक बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से दालों की खरीद करती हैं। जब कीमतें एमएसपी से नीचे आ जाती हैं तो वे मूल्य समर्थन योजना के तहत भी दाल खरीदते हैं।
शाह ने कहा कि बुवाई अभियान से पहले तुअर किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नाफेड और एनसीसीएफ को अपनी उपज बेचने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकृत अरहर किसानों के पास नैफेड/एनसीसीएफ या खुले बाजार में बिक्री करने का विकल्प होगा।