Goldman Sachs: खपत में इजाफे के बावजूद निवेश में नरमी का रुख बरकरार, गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में ये खुलासे
गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार घरेलू और ग्रामीण खर्च ने विकास की गति को समर्थन देना जारी रखा है। हालांकि निवेश गतिविधि मौसमी और क्षेत्रीय चुनौतियों के कारण दबाव में बनी हुई है।
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भारत की मासिक उपभोग गतिविधि ने हाल के सप्ताहों में मजबूती के संकेत दिखाए हैं। हालांकि, निवेश की रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है। यह जानकारी उच्च आवृत्ति वाले आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखने वाली गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट में दी गई है।
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शहरी खपत में आई तेजी
रिपोर्ट में बताया गया कि जुलाई में शहरी खपत में तेजी आई है। इसका श्रेय यात्री वाहनों की अधिक बिक्री और पेट्रोल की मांग को जाता है। सकल जीएसटी संग्रह भी जुलाई की गिरावट से उबरते हुए क्रमिक रूप से बेहतर रहा, हालांकि साल-दर-साल आधार पर वृद्धि 7.5 प्रतिशत रही।
हवाई यातायात में हुई वृद्धि
इसके अलावा अगस्त की पहली छमाही में हवाई यात्री यातायात में तेज उछाल देखा गया। इसका एक कारण स्वतंत्रता दिवस के आसपास बढ़ी छुट्टियों की यात्रा भी रही।
ग्रामीण क्षेत्र में सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में गतिविधि संकेतकों में व्यापक सुधार दिखा। ट्रैक्टर पंजीकरण में 14 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि और कृषि निर्यात में 13 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। ग्रामीण आय में भी वृद्धि हुई, मई में वास्तविक कृषि मजदूरी वृद्धि 4.5 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह आठ वर्षों में सबसे अधिक है।
मौसम संबंधी समस्याओं का पड़ सकता है असर
सैक्स ने कहा कि सर्दियों की फसलों की अच्छी पैदावार, नियंत्रित खाद्य मुद्रास्फीति और कल्याणकारी खर्च में वृद्धि से आने वाले महीनों में ग्रामीण उपभोग को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि रिपोर्ट में मौसम संबंधी दबावों के बारे में चेतावनी दी गई है। इसके कारण कई क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि हुई है और जुलाई में सब्जियों की कीमतों में अपेक्षा से अधिक तेजी आई है।
कोयल उत्पादन में भारी गिरावट
मानसून के कारण जुलाई में कोयला उत्पादन में भारी गिरावट आई। वहीं ऑटोमोबाइल और स्टील उत्पादन में वृद्धि हुई। स्टील उत्पादन 11 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ बना रहा।
परिवहन गतिविधियों में असमान रुझान
परिवहन गतिविधियों में असमान रुझान देखने को मिले, डीजल की मांग तो बढ़ी लेकिन बंदरगाहों पर आवाजाही लगभग अपरिवर्तित रही। गोल्डमैन ने हल्की मंदी का संकेत दिया है। इसने कैलेंडर वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।