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अमेरिका-ईरान की तनातनी से भारतीयों पर भी पड़ेगा बड़ा असर, महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 10 May 2018 01:32 PM IST
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अमेरिका द्वारा ईरान पर परमाणु प्रतिबंध लगाने का असर भारतीयों पर भी पड़ने की संभावना है। दोनों देशों के बीच जारी तनातनी के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम 100 रुपये के करीब पहुंच सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो फिर आम आदमी के मासिक बजट पर काफी असर पड़ेगा।
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भारत के लिए ईरान तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर
इराक और साउदी अरब के बाद ईरान कच्चे तेल का भारत में सबसे बड़ा सप्लायर है। प्रतिबंध लगने के बाद पूरी दुनिया में कच्चे तेल का दाम काफी बढ़ सकते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिरता जा रहा है, जिसके चलते भारत सरकार पर बोझ बढ़ेगा।
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कच्चे तेल की कीमत भी इस वक्त 70 डॉलर प्रति बैरल के बीच चल रही हैं। फरवरी में भारत यात्रा पर आए ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के बाद भारत ने कच्चे तेल के आयात को बढ़ा दिया था।
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आप पर पड़ेगा यह असर
अगर कच्चा तेल और महंगा होता तो फिर देश में पेट्रोल-डीजल का दाम भी बढ़ जाएगा, जिससे आम लोगों के दैनिक जीवन पर काफी असर पड़ेगा। डीजल बढ़ने से जहां शहरों में दूध, फल, सब्जियां महंगी हो जाएंगी, वहीं दूसरी तरफ आना-जाना भी बढ़ जाएगा।
रुपया 66.87 के पार
वहीं रुपया भी 66.87 के स्तर पर कारोबार करते हुए देखा गया। ब्रेंट क्रूड करीब 4 परसेंट चढ़कर 71 डॉलर के करीब निकलने में कामयाब रहा। डॉलर के मुकाबले रुपया 40 पैसे टूटकर 67.05 के स्तर पर आ गया। रुपये का यह स्तर बीते 15 महीने का निचला स्तर है। आखिरी बार रुपये का यह स्तर फरवरी 2017 को देखा गया था। बीते शुक्रवार को रुपया 22 पैसे टूटकर 66.86 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ था।
रुपये में ईरान से तेल खरीदता है भारत
एक समझौते के तहत भारत ईरान से अपनी ही मुद्रा में (बिना डॉलर) भुगतान कर तेल खरीद सकता है लेकिन प्रतिबंध लगने से दोनों देशों के बीच व्यापार पर असर पड़ेगा। उधर पाक से बिगड़ते रिश्तों के चलते भारत ओमान सागर में चाबहार बंदरगाह का विकास कर अफगानिस्तान के साथ व्यापार का मार्ग बना रहा है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इस परियोजना पर भारत का काम धीमा पड़ जाएगा।
चाबहार परियोजना पर पड़ेगा असर
आशंका है कि चाबहार परियोजना के प्रभावित होने पर ईरान सरकार इस प्रोजेक्ट में चीन और पाक को शामिल कर लेगी, जिससे भारतीय हित प्रभावित होंगे। कूटनीतिक स्तर पर भी भारत के हित अफगानिस्तान के कारण ईरान के साथ जुड़े हुए हैं, जो नए इस्राइल व सऊदी अरब के अमेरिका के साथ बनते नए समीकरण से प्रभावित होंगे।
कच्चे तेल के दाम में 2.5 फीसदी का इजाफा
भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि ईरान पर वित्तीय प्रतिबंधों के अमेरिकी फैसले का भारत में इस्लामिक रिपब्लिक देशों से तेल आयात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद तेल के दामों में 2.5 फीसदी का इजाफा हो गया। लेकिन भारतीय तेल कार्पोरेशन (आईओसी) के वित्तीय निदेशक एके शर्मा ने कहा कि इसका त्वरित रूप से भारत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
रुपये में ईरान से तेल खरीदता है भारत
एक समझौते के तहत भारत ईरान से अपनी ही मुद्रा में (बिना डॉलर) भुगतान कर तेल खरीद सकता है लेकिन प्रतिबंध लगने से दोनों देशों के बीच व्यापार पर असर पड़ेगा। उधर पाक से बिगड़ते रिश्तों के चलते भारत ओमान सागर में चाबहार बंदरगाह का विकास कर अफगानिस्तान के साथ व्यापार का मार्ग बना रहा है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इस परियोजना पर भारत का काम धीमा पड़ जाएगा।
चाबहार परियोजना पर पड़ेगा असर
आशंका है कि चाबहार परियोजना के प्रभावित होने पर ईरान सरकार इस प्रोजेक्ट में चीन और पाक को शामिल कर लेगी, जिससे भारतीय हित प्रभावित होंगे। कूटनीतिक स्तर पर भी भारत के हित अफगानिस्तान के कारण ईरान के साथ जुड़े हुए हैं, जो नए इस्राइल व सऊदी अरब के अमेरिका के साथ बनते नए समीकरण से प्रभावित होंगे।
कच्चे तेल के दाम में 2.5 फीसदी का इजाफा
भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि ईरान पर वित्तीय प्रतिबंधों के अमेरिकी फैसले का भारत में इस्लामिक रिपब्लिक देशों से तेल आयात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद तेल के दामों में 2.5 फीसदी का इजाफा हो गया। लेकिन भारतीय तेल कार्पोरेशन (आईओसी) के वित्तीय निदेशक एके शर्मा ने कहा कि इसका त्वरित रूप से भारत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।