US: यूएस फेड ने ब्याज दरों को और 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया, पॉवेल बोले- हालिया बैंकिंग संकट से हालात बिगड़े
US: फेड की ओर से लगातार दसवीं बार ब्याज दरों में वृद्धि की गई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने दो दिवसीय मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद कहा कि अमेरिका में हालिया बैंकिंग संकट के कारण ऋण की स्थिति और सख्त करनी पड़ी है।
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अमेरिका की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (यूएस फेडरल रिजर्व) ने महंगाई को दो फीसदी पर ले जाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रमुख ब्याज दरों को और 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ा दिया है। यूएस फेड ने यह फैसला 2-3 मई को हुई बैठक के बाद लिया है। ब्याज दरों को 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5 प्रतिशत से 5.25 प्रतिशत कर दिया गया है। समिति ने कहा कि वह मुद्रास्फीति के जोखिम को लेकर 'अत्यधिक चौकस' है। ताजा बढ़ोतरी मार्च की बैठक में पिछली दर वृद्धि के समान ही थी और इसने लगातार दसवीं दर वृद्धि को चिह्नित किया। इससे पहले मार्च में भी ब्याज दरों में समान इजाफा किया गया है।
फेड ने लगातार दसवीं बार ब्याज दरों में किया है इजाफा
फेड की ओर से लगातार दसवीं बार ब्याज दरों में वृद्धि की गई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने दो दिवसीय मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद कहा कि अमेरिका में हालिया बैंकिंग संकट के कारण ऋण की स्थिति और सख्त करनी पड़ी है। इससे आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। पॉवेल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महंगाई से निपटने के लिए पिछले एक साल से पहले से ही मौद्रिक नीति में सख्ती बरती जा रही है।
बैंकिंग सेक्टर में उभरे तनाव के कारण फेड को होना पड़ा और सख्त
फेड प्रमुख के अनुसार मार्च की शुरुआत में बैंकिंग क्षेत्र में उभरे तनाव के कारण चीजें और कठिन हुई हैं। इसके परिणामस्वरूप परिवारों और व्यवसायों के लिए ऋण की स्थिति और सख्त।की गई है। उन्होंने कहा कि ऋण की सख्त स्थिति का असर आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और मुद्रास्फीति पर पड़ने की आशंका है। पॉवेल ने कहा कि इन प्रभावों की सीमा अनिश्चित बनी हुई है।