फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   UPI transactions hit new high, villages overtake cities in payments

UPI: यूपीआई लेनदेन नई ऊंचाई पर, भुगतान में गांवों ने शहरों को छोड़ा पीछे

Wed, 24 May 2023 06:16 AM IST
देव कश्यप अजीत सिंह, नई दिल्ली।
अजीत सिंह, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 24 May 2023 06:16 AM IST
सार

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 2015-16 में जीडीपी की तुलना में डिजिटल भुगतान 668 फीसदी था, जो अब 767 फीसदी पहुंच गया है। आरटीजीएस को छोड़ दें तो खुदरा डिजिटल भुगतान 129 फीसदी से बढ़कर 242 फीसदी पर पहुंच गया है।

विज्ञापन
UPI transactions hit new high, villages overtake cities in payments
UPI - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

यूपीआई से लेनदेन 2022-23 में रिकॉर्ड 139 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। 2016 में यूपीआई के जरिये सिर्फ 6,947 करोड़ रुपये का लेनदेन होता था। इस अवधि में संख्या के लिहाज यूपीआई लेनदेन 1.8 करोड़ से बढ़कर 8,375 करोड़ पहुंच गया। खास बात है कि यूपीआई भुगतान में गांवों ने शहरों को पीछे छोड़ दिया।

विज्ञापन


एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 2015-16 में जीडीपी की तुलना में डिजिटल भुगतान 668 फीसदी था, जो अब 767 फीसदी पहुंच गया है। आरटीजीएस को छोड़ दें तो खुदरा डिजिटल भुगतान 129 फीसदी से बढ़कर 242 फीसदी पर पहुंच गया है। उधर, 2022-23 में मूल्य के लिहाज से यूपीआई भुगतान में गांवों का हिस्सा बढ़कर 25 फीसदी पहुंच गया, जबकि शहरों की हिस्सेदारी 20 फीसदी रही।
विज्ञापन


खुदरा लेनदेन में तेजी
खुदरा में यूपीआई का मूल्य बढ़कर 83 फीसदी हो गया है। एटीएम से निकासी घटकर 17 फीसदी हो गई है। एटीएम से कुल लेनदेन (डेबिट कार्ड) 30-35 लाख करोड़ रुपये रहा है। 2017 में एटीएम से लेनदेन नॉमिनल जीडीपी का 15.4 फीसदी था, जो अब 12.1% पर आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


2000 के नोट वापस लेने का असर नहीं
एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरबीआई के 2000 के नोट वापस लेने के फैसले का अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं होगा। हालांकि, इससे बैंकों को तरलता के मोर्चे पर मदद मिल जाएगी। रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि नोट वापसी से करीब 3 लाख करोड़ रुपये वापस सिस्टम में आ जाएंगे, जबकि बैंकों के करेंसी चेस्ट के पास पहले से ही 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम है।

साल में सिर्फ 8 बार एटीएम जाते हैं लोग
रिपोर्ट में कहा गया है कि पैसे निकालने के लिए पहले लोग साल में औसतन 16 बार एटीएम में जाते थे। अब यह संख्या घटकर 8 बार रह गई है। लगातार डिजिटल भुगतान की वजह से अब एटीएम से नकदी निकासी में गिरावट आई है। इस समय देश में 2.5 लाख एटीएम हैं।


यूपीआई से अप्रैल में 14.1 लाख करोड़ का भुगतान
रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में यूपीआई से कुल 8.9 अरब लेनदेन के जरिये 14.1 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। इस दौरान हर भुगतान का मूल्य औसतन 1,600 रुपये रहा। देश के शीर्ष-15 राज्यों में यूपीआई की मूल्य और संख्या के लिहाज से हिस्सेदारी 90 फीसदी रही है। शीर्ष-100 जिलों में यह हिस्सा 45 फीसदी है। यूपीआई में एक रुपये का मूल्य बढ़ने से डेबिट कार्ड से लेनदेन में 18 पैसे की कमी आती है।

  • आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक की मूल्य के लिहाज से यूपीआई भुगतान में 8-12 फीसदी हिस्सेदारी है।
  • यूपी, राजस्थान, बिहार, तमिलनाडु, प. बंगाल में यह 5-8 फीसदी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed