{"_id":"61b938289260087cdb5dd649","slug":"union-minister-piyush-goyal-said-that-government-is-creating-opportunities-businessmen-should-take-advantage-of-this","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंडिया ग्लोबल फोरम: उद्योग मंत्री बोले- भारत और यूएई संबंधों के लिए अगला दशक निर्णायक, कोरोबारी उठाएं फायदा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
इंडिया ग्लोबल फोरम: उद्योग मंत्री बोले- भारत और यूएई संबंधों के लिए अगला दशक निर्णायक, कोरोबारी उठाएं फायदा
Wed, 15 Dec 2021 06:04 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, दुबई।
एजेंसी, दुबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 15 Dec 2021 06:04 AM IST
सार
वाणिज्य मंत्रीपीयूष गोयल ने कहा कि अगला दशक भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंधों में एक निर्णायक दशक होने जा रहा है। इसलिए हमें साझेदारी की भावना से काम करना चाहिए।
विज्ञापन
पीयूष गोयल
- फोटो : एएनआई
विस्तार
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ढांचा तैयार कर मौके बना रही है। कारोबारियों को इसका फायदा उठाना चाहिए। दो दिवसीय इंडिया ग्लोबल फोरम के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) संस्करण की शुरुआत के दौरान गोयल ने कहा, मैंने दुबई एक्सपो-2020 में अवसर बनते देखा है। मुझे भरोसा है कि दोनों पक्षों की कारोबारी इकाइयां इस मौके का लाभ उठाएंगी। इससे लोगों के स्तर पर आपसी रिश्ते और मजबूत होने वाले हैं।
विज्ञापन
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि अगला दशक भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंधों में एक निर्णायक दशक होने जा रहा है। इसलिए हमें साझेदारी की भावना से काम करना चाहिए। उद्योग, शिक्षा क्षेत्र एवं सरकार सभी को इस दोस्ती के बंधन को मजबूत करने पर जोर देना चाहिए। साथ ही इसे एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदारी का रूप देने के लिए साझेदारी की इसी भावना से काम करने देना चाहिए।
विज्ञापन
विकास पथ पर लौट रही अर्थव्यवस्था- शृंगला
विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था महामारी के कारण आई मंदी से उबरकर तेजी से विकास पथ पर लौट रही है। भारत के व्यापार आंकड़े आशाजनक हैं। चालू वित्त वर्ष में देश में 81.72 अरब डॉलर का एफडीआई आया है, जो सर्वाधिक है। शृंगला ने कहा, विभिन्न देशों से व्यापार समझौतों पर बातचीत के लिए जोर दिया गया है।
विज्ञापन
यूएई, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, इस्राइल समेत कई देशों के साथ इस पर बात जारी है। संबोधन में उन्होंने आर्थिक खुलापन, सुशासन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए सरकार के पिछले कुछ वर्षों में शुरू किए गए महत्वाकांक्षी ढांचागत सुधारों का भी जिक्र किया।