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केंद्र सरकार ने लॉन्च किया भारत बॉन्ड ईटीएफ, जानें इसकी खासियतें

Wed, 04 Dec 2019 07:44 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Wed, 04 Dec 2019 07:44 PM IST
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union government launches bharat bond debt etf, know its feature
nirmala sitharaman - फोटो : ANI

बांड बाजार का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार ने भारत ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) के नाम से बांड ईटीएफ लाने का फैसला किया है। इसमें आम निवेशकों को निवेश का नया विकल्प मिलेगा, वहीं सरकारी उपक्रमों (सीपीएसई) और सरकार के स्वामित्व वाले वित्तीय संस्थानों को पूंजी जुटाने का एक अतिरिक्त स्रोत मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई कैबिनेट मंत्रिमंडल की बैठक लिया गया। इस ईटीएफ का नया कोष निर्गम (एनएफओ) दिसंबर में पेश होने का अनुमान है। वहीं भारत बांड ईटीएफ देश में अपनी तरह का पहला कॉर्पोरेट बांड ईटीएफ होगा।

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कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार ने भारत बांड ईटीएफ के नाम से एक साझा निवेश कोष शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। निवेश और सार्वजनिक संपदा प्रबंधन (डीआईपीएएम) सचिव तुहीन कांत पांडे ने कहा, ‘हम इसी महीने के दौरान एनपीए की पेशकश की उम्मीद कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि हर छह महीने में ईटीएफ पेश किया जाएगा। इसके लिए सूचकांक एनएसई द्वारा तैयार किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि इसी साल के बजट में बांड बाजार का दायरा बढ़ाने का उल्लेख किया गया था। इसके अनुरूप यह फैसला हुआ है। वित्त मंत्री ने बताया कि इससे पहले भारत ईटीएफ के नाम से वर्ष 2014 और 2017 में एनएफओ लाया गया था, लेकिन यह ईटीएफ इक्विटी का था। अब बांड का ईटीएफ लाने का फैसला हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कोष के शुरू होने पर सरकारी कंपनियों और अन्य सरकारी संगठनों के लिए अतिरिक्त धन जुटाने में मदद मिलेगी।
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1,000 रुपये की होगी एक यूनिट

इसमें आम खुदरा निवेशक यूनिट के माध्यम से पैसा लगा सकेंगे। एक यूनिट एक हजार रुपये की होगी। इस राशि को सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी संगठनों के बांड में लगाया जाएगा। इस बांड की परिपक्वता अवधि तीन और दस साल की होगी, जिस पर महज 0.0005 फीसदी की लागत आएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि हर ईटीएफ एक निश्चित परिपक्वता तारीख होगी और जोखिम के आधार पर सूचकांक पर नजर रखी जाएगी।

तीन तरीकों से कर सकते हैं निवेश

  • निवेशक बांड ईटीएफ में एक्सचेंज के जरिये निवेश कर सकेंगे। इसे विभिन्न शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराया जाएगा। इससे निवेशक जब चाहे, इसे बेच सकेंगे। 
  • मार्केट मेकर के जरिये। शेयर बाजार में खरीदार या विक्रेता नहीं होने से मार्केट मेकर एक्सचेंज पर लिक्विडिटी प्रदान करेंगे। इसके लिए मार्केट मेकर को एक करोड़ रुपए तक की यूनिट रखने की अनुमति होगी।
  • एएमसी के जरिये। बड़े निवेशक एएमसी के जरिये बांड ईटीएफ की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। लेकिन यह खरीद-बिक्री 25 करोड़ रुपए से अधिक की ही हो सकेगी।

क्या होंगे फायदे

  • निवेशकों को सुरक्षा के साथ मिलेगा अच्छा रिटर्न, सरकार लेती है गारंटी
  • छोटे निवेशकों को कम लागत में बांड बाजार तक मिलेगी पहुंच
  • निवेशकों के लिए पूंजीगत लाभ कर में आएगी कमी
  • सरकारी कंपनियों को पूंजी जुटाने का मिलेगा अतिरिक्त स्रोत
  • कंपनियों के लिए कर्ज की तुलना में घटेगी पूंजी जुटाने की लागत

यह कंपनी करेगी इसको मैनेज

केंद्र सरकार ने एडेलवाइस असेट मैनेजमेंट को इस बॉन्ड फंड को मैनेज करने की जिम्मेदारी कर दी है। वहीं एके कैपिटल सर्विस इस ईटीएफ की एडवाइजर है। इस ईटीएफ फंड में लोग म्यूचुअल फंड की तरह निवेश कर सकेंगे। हालांकि लोग इसमें जमा पैसे को केवल दो बार--अप्रैल 2023 और अप्रैल 2030 में निकाल सकेंगे। इस बॉन्ड से मिले कूपन को दोबारा से निवेश किया जा सकेगा। इसमें से पांच फीसदी सरकारी सिक्युरिटिज के लिए आरक्षित होगा। सरकार ने इस बॉन्ड के लिए -एएए की रेटिंग रखी है। 

यह कंपनियां जारी करेंगी ये बॉन्ड

इस बॉन्ड को नाबार्ड, एनएचपीसी, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, आरईसी, नेशनल हाउसिंग बैंक, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन, पावरग्रिड, बीपीसीएल, इंडियन ऑयल, कोंकण रेलवे, स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक, टीएचडीसी इंडिया, हाउसिंह एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और नॉर्थ इस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन शामिल हैं। किसी भी कंपनी में अगर सरकार की हिस्सेदारी 50 फीसदी से कम हो जाती है तो फिर उसको इस लिस्ट से हटा दिया जाएगा। 

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