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Budget 2022: किस मंत्रालय के लिए आवंटित हुआ कितना बजट, रक्षा क्षेत्र के लिए सरकार ने दबाया हाथ या खोला खजाना, जानें

Tue, 01 Feb 2022 06:17 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 01 Feb 2022 06:17 PM IST
सार

बजट के दस्तावेज के विश्लेषण के बाद अमर उजाला आपको बता रह है कि सरकार के किस मंत्रालय के लिए इस साल कितनी राशि आवंटित की गई है और किन मंत्रालयों के आवंटन में इजाफा हुआ है। 

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Union Budget know how much ministries are alloted for Financial Year 2022-23 who is the winner who lost most news and updates
बजट 2022 - फोटो : Twitter

विस्तार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आम बजट पेश कर दिया। इसमें रेलवे से लेकर कृषि और सड़क-परिवहन से लेकर रक्षा क्षेत्र के लिए कई अहम एलान किए गए। हालांकि, अपने छोटे से भाषण में वित्त मंत्री ने यह जानकारी नहीं दी कि किस मंत्रालय को उनकी जरूरत पूरी करने के लिए कितनी राशि आवंटित की जा रही है। अब बजट के दस्तावेज के विश्लेषण के बाद अमर उजाला आपको बता रह है कि सरकार के किस मंत्रालय के लिए इस साल कितनी राशि आवंटित की गई है। 
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किसे क्या मिला?
1. शिक्षा
भारत में कोरोनावायरस महामारी के चलते पिछले कुछ साल काफी कठिन रहे हैं। खासकर स्कूल-कॉलेज बंद होने की वजह से छात्रों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अगर पिछले बजट के आवंटन और खर्च को देखा जाए तो सामने आता है कि शिक्षा मंत्रालय ने पिछली बार के आवंटित 93 हजार 224 करोड़ रुपये में 88,002 करोड़ रुपये ही खर्च किए। माना जाता है कि इसकी वजह कोरोना महामारी ही रही। हालांकि, इस बार सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के लिए 1,04,278 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यानी शिक्षा बजट में सीधे तौर पर 11.86 फीसदी का इजाफा किया गया है।
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2. रक्षा 
बजट में इस साल रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा क्षेत्र के लिए 5 लाख 25 हजार 166 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। ये पिछले वित्त वर्ष में रक्षा बजट के लिए हुए 4 लाख 78 हजार 196 करोड़ के आवंटन से करीब 10 फीसदी ज्यादा है। सीमा पर चीन की बढ़ती आक्रामकता के मद्देनजर सरकार ने एक बार फिर रक्षा बजट में बढ़ोतरी की है। 
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बजट में पूंजीगत व्यय के लिए कुल 1,52,369 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं जिनमें नए हथियार, विमान, युद्धपोत और अन्य सैन्य साजोसामान की खरीद शामिल हैं। वर्ष 2021-22 के लिए, पूंजीगत व्यय के लिए बजटीय आवंटन 1,35,060 करोड़ रुपये था, लेकिन संशोधित अनुमान के अनुसार 1,38,850 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 

बजट दस्तावेजों के अनुसार, राजस्व व्यय के लिए 2,33,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जिनमें वेतन भुगतान और प्रतिष्ठानों के रखरखाव पर होने वाले खर्च शामिल हैं। इसके साथ ही रक्षा पेंशन के लिए अलग से 1,19,696 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि रक्षा मंत्रालय (सिविल) के लिए 20,100 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं।

3.  खेल बजट
केंद्र सरकार ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए खेल बजट में तीन हजार 62 करोड़ 60 लाख रुपये आवंटित किए। यह पिछले साल के मुकाबले 305 करोड़ 58 लाख रुपये अधिक हैं। पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने खेलों के लिए दो हजार 596 करोड़ 14 लाख रुपये आवंटित किए थे जिसे बाद में संशोधित करके दो हजार 757 करोड़ दो लाख रुपये कर दिया गया था।

सरकार की अहम योजना खेलो इंडिया कार्यक्रम में 316 करोड़ 29 लाख रुपये का इजाफा किया गया है। खेल इंडिया कार्यक्रम के लिए पिछले बजट में 657.71 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जो अब बढ़कर 974 करोड़ रुपये हो गए हैं। खिलाड़ियों के कुल प्रोत्साहन और पुरस्कार राशि में भी इजाफा किया गया है जो 245 करोड़ से 357 करोड़ रुपये हो गई है। 

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के बजट में 7.41 करोड़ रुपये की कटौती की गई है, जो अब 653 करोड़ रुपये होगा। राष्ट्रीय खेल विकास कोष में आवंटन राशि को भी 9 करोड़ रुपये घटाकर 16 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राष्ट्रीय सेवा योजना में 118 करोड़ 50 लाख रुपये का भारी भरकम इजाफा किया गया है। इसका आवंटन 283 करोड़ 50 लाख रुपये है। राष्ट्रीय खेल महासंघों के लिए आवंटन को पहले की तरह 280 करोड़ रुपये ही रखा गया है।

4. विधि मंत्रालय
नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) खरीदने और पुरानी हो ईवीएम को खत्म करने के लिए 2022-23 के केंद्रीय बजट में निर्वाचन आयोग के लिए विधि मंत्रालय को 1,525 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। मंत्रालय को लोकसभा चुनावों और मतदाता फोटो पहचान पत्रों के लिए भी बजट में आवंटन किया गया है।

सख्त प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पुरानी ईवीएम को एक विशेषज्ञ समिति की निगरानी में नष्ट किया जाता है। एक ईवीएम औसत 15 साल तक चलती है। बजट में निर्वाचन की मदद के लिए कुल 292 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनमें 180 करोड़ रुपये लोकसभा चुनाव के लिए और 18 करोड़ रुपये चुनाव फोटो पहचान पत्रों के लिए हैं।

5. सूचना-प्रसारण मंत्रालय
वित्त वर्ष 2022-23 में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के लिए 3980.77 करोड़ रुपये के बजट का आवंटन किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 90 करोड़ रुपये कम है। सरकार के स्वायत्त निकाय प्रसार भारती को 2555.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कि पिछले वित्त वर्ष में आवंटित 2640.11 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब पांच फीसदी कम है।

मंत्रालय के बाकी स्वायत्त निकायों में सिर्फ भारतीय प्रेस परिषद का बजट पिछले वित्तीय वर्ष के 20 करोड़ रुपये से बढ़ाकर इस बार 27 करोड़ रुपये कर दिया गया है। भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) का बजट पिछले साल के 58.48 करोड़ रुपये से कम करके इस साल 55.39 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं, भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के लिए सरकार ने 2021-22 में 52 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष में 65 करोड़ रुपये था।

बजट में सामाजिक सेवा के ऐवज में प्रसारण के लिए आवंटन 2,921.11 करोड़ रुपये से घटाकर 2,839.29 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सूचना और प्रचार के लिए बजट को 971.26 करोड़ रुपये से घटाकर 942.04 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

6. रेल बजट
केंद्रीय बजट में रेल मंत्रालय को 140367.13 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं, जो पिछले वित्त वर्ष के संशोधित आंकड़ों की तुलना में 20,311 करोड़ रुपये अधिक है। बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, संयुक्त उद्यमों और विशेष उद्देश्य वाले वाहनों में निवेश के लिए 38686.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। रॉलिंग स्टॉक विकसित करने के लिए 7,977 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे रेलवे में नये अत्याधुनिक कोच और प्रौद्योगिकी लाने में मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री ने समर्पित माल ढुलाई कॉरीडोर (डीएफसी) के लिए 15710.14 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। परिचालन और रखरखाव के लिए रेलवे द्वारा इन परिसम्पत्तियों को मुद्रीकृत किया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने पटरियों के नवीनीकरण के लिए 13335.47 करोड़, गेज परिवर्तन के लिए 2850 करोड़ और दोहरीकरण के लिए 12108 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। नई लाइन के लिए भी 25243 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।

7.  महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में 25,172 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है जो इससे पहले के वर्ष के मुकाबले तीन प्रतिशत अधिक है। पिछले बजट में मंत्रालय के लिए 24,435 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया और कहा कि नारी शक्ति की पहचान ‘अमृत काल’ (आजादी के 100 साल पूरा होने में बचा समय) के दौरान देश के उज्वल भविष्य और महिलाओं के नेतृत्व में विकास के अग्रदूत के रूप में की गई है। 

‘सक्षम आंगनवाड़ी’ और पोषण-2.0 के लिए 20,263 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। ‘मिशन शक्ति’ (महिला संरक्षण एवं सशक्तीकरण) के लिए 3,184 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन हुआ है, जबकि 2021-22 में इसके लिए 3,109 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस बार के बजट में ‘मिशन वात्सल्य’ (बाल संरक्षण एवं बाल कल्याण सेवा) के लिए 1,472 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जो 2021-22 में 900 करोड़ रुपये था।

8. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को 13,134 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जो पिछले वित्त वर्ष की अपेक्षा 12 प्रतिशत अधिक है। यह मंत्रालय पिछड़े वर्गों और दिव्यांग लोगों के कल्याण का दायित्व निभाता है। वित्त वर्ष 2022-23 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को 11,922 करोड़ रुपये और दिव्यांग लोगों के अधिकारिता विभाग को 1212 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

बजट में तीन राष्ट्रीय आयोगों - राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के लिए 56 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जो 2021-22 में 49 करोड़ रुपये था। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के तहत, केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के लिए इस साल 969.50 रुपये आवंटित किए गए हैं जो 2021-22 में 1,395 करोड़ रुपये था। दिव्यांग लोगों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के एवज में 635 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि 2021-22 में 584 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

9. जलशक्ति मंत्रालय
वित्त वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट में जल शक्ति मंत्रालय को 86,189 करोड़ रूपये आवंटित किए गए हैं, जो कि वर्ष 2021-22 की तुलना में 24 प्रतिशत ज्यादा हैं। वित्त वर्ष 2021-22 में जल शक्ति मंत्रालय को 69,052 करोड़ रूपये आवंटित किये गए थे। बजट में मंत्रालय के तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को 67,221 करोड़ रूपये आवंटित किए गए, जबकि जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के लिये 18,967.88 करोड़ रूपये आवंटित किये गए। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि 2022-23 में जल जीवन मिशन के तहत 3.8 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2021-22 में जल जीवन मिशन के तहत 50,000 करोड़ रूपये आवंटित किए गए थे। सीतारमण ने बताया कि 44,605 करोड़ रूपये की लागत से केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल योजना के तहत 2022-23 में 3.8 करोड़ घरों को कवर करने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 से सरकार का ध्यान नागरिकों, विशेषकर गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण पर रहा है। इसके लिए कई उपाय किए गए, जिसमें घर, बिजली, रसोई गैस, जल प्रदान करने वाले कार्यक्रम शामिल हैं। जल संसाधन प्रबंधन के तहत अटल भूजल योजना, भूजल प्रबंधन एवं नियमन जैसी योजनाओं के लिये कुल आवंटन में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई है और यह वर्ष 2021-22 में 729 करोड़ रूपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 2,112 करोड़ रूपये हो गया है।

10. गृह मंत्रालय
आंतरिक सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता को दर्शाते हुए केंद्रीय बजट में मंगलवार को गृह मंत्रालय को 1.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से अधिकांश खर्च सीआरपीएफ और बीएसएफ जैसे केंद्रीय पुलिस संगठनों तथा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए किया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाले गृह मंत्रालय का 2022-23 का बजट आवंटन 1,85,776.55 करोड़ रुपये है, जो चालू वित्त वर्ष के 1,66,546.94 करोड़ रुपये आवंटन की तुलना में लगभग 20,000 करोड़ रुपये या लगभग 11.5 प्रतिशत अधिक है। बजट में पुलिस के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 3659.84 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। बजट में गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सुरक्षाबल और पुलिस के लिए भी आवंटन किया गया है।


इसके अलावा गृह मंत्रालय के बजट में जनगणना से संबंधित कार्यों के लिए 3676 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कोविड महामारी के कारण लगभग दो वर्षों से रुके हुए हैं। वहीं, सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के लिए 565.72 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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