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30 दिसंबर तक जमा हुई बेहिसाबी रकम पर लगेगा 50 फीसदी आयकर

Fri, 25 Nov 2016 09:41 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 25 Nov 2016 09:41 PM IST
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Unaccounted deposits post demonetisation likely to attract up to 50% tax

सरकार नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचारियों की दूसरों के बैंक खातों के जरिए काले धन को सफेद करने की कोशिश को झटका देने की तैयारी कर रही है। इस क्रम में अध्यादेश लाकर आयकर कानून में बदलाव किया जा सकता है, जिसके तहत खातों में 30 दिसंबर तक जमा हुई बेहिसाबी रकम पर कम से कम 50 फीसदी आय कर लगेगा। 

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कानून में बदलाव के प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मुहर लग चुकी है। सूत्रों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति पुराने नोटों की शक्ल में जमा की गई अघोषित राशि का खुलासा आयकर अधिकारी के समक्ष कर देता है तो उससे 50 फीसदी आयकर वसूला जाएगा। 50 फीसदी टैक्स के बाद बाद बची राशि में से आधी रकम पर चार वर्ष की लॉक इन अवधि की भी बाध्यता रहेगी।
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यदि अघोषित रकम का खुलासा नहीं किया जाता और आयकर विभाग इसका पता लगाता है तो उस पर कुल 90 फीसदी टैक्स-पैनाल्टी वसूला जाएगा, इसकी लॉक इन अवधि भी लंबी हो सकती है। मालूम हो कि जनधन खातों में दो सप्ताह के भीतर 21000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा हो चुकी है। सरकार मान रही है कि लोग अपने काले धन को सफेद बनाने के लिए जनधन खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

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कानून में संशोधन की पेचीदगियां

Unaccounted deposits post demonetisation likely to attract up to 50% tax

आयकर कानून में संशोधन को लेकर एक अधिकारी ने बताया कि कानून में बदलाव के लिए दो रास्ते हैं, पहला संसद से अनुमति और दूसरा अध्यादेश। संसद से अनुमति का रास्ता थोड़ा लंबा है इसलिए इस पर राष्ट्रपति से अध्यादेश जारी करने का अनुरोध किया जा सकता है। इसके बाद इस संशोधन को बजट में शामिल कर आयकर कानून में बदलाव किया जा सकता है।

इससे पहले आयकर विभाग ने कहा था कि खातों में ढाई लाख रुपये से ऊपर बेहिसाबी रकम जमा होने पर 30 फीसदी कर के साथ 200 फीसदी का भारी भरकम जुर्माना वसूला जाएगा। लेकिन बाद में सरकार के स्तर पर महसूस किया गया कि इस कदम का कोई पुख्ता कानूनी आधार नहीं होगा, जिससे जुर्माना वसूलने में सरकार के लिए मुश्किल हो सकती है।
 

जमा हुई बेहिसाबी रकम पर क्या है सरकार की तैयारी?

Unaccounted deposits post demonetisation likely to attract up to 50% tax

दो रास्ते

पहला- पुराने नोटों के रूप में जमा बेहिसाबी रकम का खुलासा कर दिया जाता है तो इस पर कम से कम 50 फीसदी टैक्स लगेगा। जबकि मूल राशि का चौथाई हिस्सा चार साल से पहले नहीं निकाला जा सकेगा। 
योजना की जरूरत क्यों

सूत्रों ने कहा कि नोटबंदी कालेधन के खिलाफ बड़ा अभियान है। ऐसे में यदि काला धन रखने वाले दूसरों के खातों के जरिए अपना काला धन बचाने में सफल हो गए तो इसका मकसद ही विफल हो जाएगा। इसके अलावा टैक्स की दर भी इस तरह से रखनी होगी कि भ्रष्टाचारियों को दंड मिले। जबकि ईमानदार लोग परेशान नहीं हों। काला धन रखने वाले इस योजना का गलत लाभ नहीं ले सकें, इसलिए उनके लिए भारी टैक्स का प्रावधान होगा। मालूम हो कि सरकार ने 30 सितंबर 2016 को समाप्त हुई आय घोषणा योजना -आईडीएस- 2016 में काले धन के खुलासे पर कर, जुर्माने और अधिभार के रूप में 45 फीसदी की राशि वसूलने का प्रावधान किया था।

बांड ला सकती है सरकार 

सूत्रों ने बताया कि सरकार एक बांड लाने पर भी विचार कर रही है। पुराने नोटों से यह बांड खरीदा जा सकती है। इसमें 25 फीसदी राशि के लिए चार साल की लॉक इन अवधि की बाध्यता होगी। 

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