कारोबारियों को मिली सौगात, नए साल से जीएसटी रिटर्न भरना होगा आसान
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अगले साल जनवरी से देश भर के सभी कारोबारियों को सरल जीएसटी फॉर्म भरने की सहूलियत मिलेगी। हालांकि इस फॉर्म का ट्रायल जुलाई से शुरू हो जाएगा। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि पुराने रिटर्न फॉर्म जीएसटीआर-3बी को चलन से बाहर किया जाएगा और उसकी जगह अगले साल जनवरी से जीएसटी आरईटी-1 फॉर्म को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
काउंसिल की बैठक में हुआ था फैसला
जीएसटी काउंसिल की 31वीं बैठक में इस बात का फैसला हुआ था कि कारोबारियों की सुविधा के लिए एक नया जीएसटी रिटर्न सिस्टम शुरू किया जाएगा। मई में जीएसटी नेटवर्क ने इस ऑफलाइन टूल का एक प्रोटोटाइप सरकार के साथ साझा किया था। यह ऑफलाइन टूल एकदम ऑनलाइन टूल जैसा ही दिखता है।
नए फॉर्म में होंगे तीन भाग
नए सिस्टम में एक मुख्य रिटर्न फॉर्म जीएसटी आरईटी-1 होगा जबकि दो संलग्नक फॉर्म जीएसटी एएनएक्स-1 और जीएसटी एएमएक्स-2 होगा। करादाताओं के लिए तीन महीने जुलाई से सितंबर 2019 तक जीएसटी एएनएक्स-1 और जीएसटी एएनएक्स-2 फॉर्म ट्रायल के लिए उपलब्ध होगा। इस दौरान करदाताओं पर पिछली अवधि की कर देयता और इनपुट टैक्स क्रेडिट का असर नहीं होगा। इस अवधि में वह आपूर्ति के लिए मासिक या त्रैमासिक आधार पर जीएसटीआर-1 और मासिक आधार पर जीएसटीआर-3बी में अनुपालन करते रहेंगे।
बड़े कारोबारियों पर जल्द लागू
योजना के मुताबिक, पांच करोड़ रुपये सालाना से ऊपर का कारोबार करने वाले करदाता अक्टूबर, 2019 से अपना मासिक रिटर्न इनवॉयस जीएसटी एएनएक्स-1 फॉर्म में अपलोड करेंगे। इसी तरह, पांच करोड़ सालाना से कम कारोबार करने वाले छोटे करदाता जनवरी 2020 से जीएसटी एएनएक्स-1 फॉर्म तिमाही आधार पर अनिवार्य रूप से भरेंगे। उन्हें अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए रिटर्न जनवरी में दाखिल करना होगा, जो नए फॉर्म के जरिये होगा। जीएसटीआर-3बी को जनवरी 2020 तक धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा।
फिलहाल मिलेगी राहत
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अक्टूबर और नवंबर के लिए बड़े करदाता मासिक आधार पर जीएसटीआर-3बी ही दाखिल करेंगे। उन्हें दिसंबर 2019 के लिए पहला जीएसटी आरईटी-1 फॉर्म 20 जनवरी 2020 तक भरना होगा। इसी तरह, छोटे करदाताओं को अक्टूबर 2019 से जीएसटीआर-3बी के बदले जीएसटी पीएमटी-08 फॉर्म भरना होगा। उन्हें अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए पहला रिटर्न जीएसटी आरईटी-1 फॉर्म में जनवरी 2020 में दाखिल होगा।