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जीएसटी रिफंड में आसानी के लिए निर्यातक भरें ये फार्म
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Thu, 30 Nov 2017 04:15 AM IST
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जीएसटी
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में निर्यातकों द्वारा रिफंड फंसने की शिकायत पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा कि है निर्यातक टेबल 6ए और जीएसटीआर 3 बी फार्म फाइल करें, तो उन्हें रिफंड लेने में आसानी होगी। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया है कि निर्यातकों को जीएसटी रिफंड मिलने में विलंब की मुख्य वजह रिटर्न फाइलिंग के दौरान होने वाली गलतियां है।
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वह जल्द से जल्द संबंधित सीमा शुल्क कार्यालय में संपर्क कर गलतियां सुधारें करें और रिफंड का लाभ लें। वित्त मंत्रालय की तरफ से बुधवार को यहां जारी एक बयान में बताया गया है कि निर्यातकों को रिफंड का दावा करने के लिए जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी फॉर्म अवश्य रूप से भरना होगा।
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मंत्रालय ने इसके साथ ही यह भी बताया है कि रिफंड के लिए निर्यातकों को चाहिए कि वह जीएसटीआर-3बी के साथ जीएसटीआर-1 फॉर्म में टेबल नंबर 6 जरूर भरें। उल्लेखनीय है कि जो प्रक्रिया तय की गई है, उसमें निर्यातकों को आईजीएसटी रिफंड पाने के लिए जीएसटी पोर्टल पर जीएसटीआर-3 बी और जीएसटीआर-1 का टेबल 6ए के साथ सीमा शुल्क विभाग के ईडीआई सिस्टम पर शिपिंग बिल को भी अपलोड करना है।
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कुल 6,500 करोड़ रुपये के रिफंड का दावा
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जुलाई से अक्टूबर 2017 तक करीब 6,500 करोड़ रुपये के रिफंड के दावे किए गए हैं और 30 करोड़ रुपये का इनपुट क्रेडिट रिफंड बनता है। इसके साथ ही कहा गया है कि निर्यातक अपने संबंधित सीमा शुल्क विभाग से जल्द से जल्द संपर्क करें और जीएसटी रिटर्न भरने के दौरान हुई गलतियों को ठीक करें। सरकार का कहना है कि सीमा शुल्क विभाग का तंत्र ऐसा तैयार किया गया है कि रिटर्न फॉर्म दाखिल होने के बाद अपने आप रिफंड जारी हो जाता है। लेकिन इसके लिए सही जानकारी अपलोड करना और प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने पिछले महीने वस्तुओं के वैसे निर्यातकों के लिए रिफंड भुगतान सुविधा की शुरुआत की थी, जिन्होंने इंटिग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी) का भुगतान किया है और टेबल 6ए को भरकर शिपिंग बिल पर आधारित रिफंड का दावा किया है।
वहीं, इस महीने की शुरुआत में विभाग ने उन सभी व्यवसायों, जो जीरो रेटेड सप्लाई के दायरे में आते हैं या वे जिन्होंने निर्यात पर आईजीएसटी का भुगतान किया है या वे, जो इनपुट क्रेडिट का दावा करना चाहते हैं को फॉर्म आरएफडी-01ए भरने की अनुमति दी है।
गोवा को केंद्र से 68 करोड़ की राजस्व भरपाई
पणजी। जीएसटी लागू होने के बाद इस साल जुलाई और अगस्त में राजस्व वसूली में कमी की भरपाई के तौर पर गोवा को केंद्र से 68 करोड़ रुपये मिले। यह बात एक वरिष्ठ अधिकारी ने कही।
वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी ने कहा कि जुलाई और अगस्त की जीएसटी वसूली पिछले साल की समान अवधि की वैट वसूली के मुकाबले 68 करोड़ कम रही, जिसकी भरपाई केंद्र सरकार ने कर दी है। विभाग के आंकड़े के मुताबिक इस साल अक्तूबर तक राज्य की जीएसटी वसूली 737 करोड़ रुपये रही।
इस बीच विभाग पूरे राज्य में एक अभियान चलाकर यह जांच कर रहा है कि केंद्र द्वारा एसी व गैर एसी रेस्तराओं के लिए कर की दर को घटाकर पांच फीसदी किए जाने के बाद राज्य के रेस्तराओं ने बिल में जीएसटी घटाना शुरू किया है या नहीं।
वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी ने कहा कि जुलाई और अगस्त की जीएसटी वसूली पिछले साल की समान अवधि की वैट वसूली के मुकाबले 68 करोड़ कम रही, जिसकी भरपाई केंद्र सरकार ने कर दी है। विभाग के आंकड़े के मुताबिक इस साल अक्तूबर तक राज्य की जीएसटी वसूली 737 करोड़ रुपये रही।
इस बीच विभाग पूरे राज्य में एक अभियान चलाकर यह जांच कर रहा है कि केंद्र द्वारा एसी व गैर एसी रेस्तराओं के लिए कर की दर को घटाकर पांच फीसदी किए जाने के बाद राज्य के रेस्तराओं ने बिल में जीएसटी घटाना शुरू किया है या नहीं।