Pakistan: 'जो सत्ता में हैं वे राजनीतिक इंजीनियरिंग छोड़ें', इमरान खान ने पाकिस्तानी सेना पर साधा निशाना
Imran Khan Pakistan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि सत्ता में बैठे लोगों को अपना ध्यान राजनीतिक इंजीनियरिंग से हटाकर आतंकवाद का मुकाबला करने की दिशा में राज्य के प्रयासों और संसाधनों को निर्देशित करने पर केंद्रित करना चाहिए। खान ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की एक और लहर बर्दाश्त नहीं कर सकता।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान के शक्तिशाली सैन्य प्रतिष्ठान पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है। उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों को सलाह दी है कि वे देश में आतंकवाद की बढ़ती लहर को रोकने के लिए राजनीतिक इंजीनियरिंग'' से अपना ध्यान हटाएं। खान का यह बयान अफगानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बड़े आतंकवादी हमले के एक दिन बाद आया है। बाजौर कबायली जिले की राजधानी खार में कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) की एक राजनीतिक बैठक में एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था, जिसमें कम से कम 54 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक घायल हो गए थे।
हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति शोक संदेश में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'पूरे पाकिस्तान में खासकर खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी घटनाओं में वृद्धि हमारी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने की तत्काल आवश्यकता की मांग करती है।" उन्होंने लिखा, "सत्ता में बैठे लोगों को अपना ध्यान राजनीतिक इंजीनियरिंग से हटाकर आतंकवाद का मुकाबला करने की दिशा में राज्य के प्रयासों और संसाधनों को निर्देशित करने पर केंद्रित करना चाहिए।" खान ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की एक और लहर बर्दाश्त नहीं कर सकता। पुलिस ने सोमवार को कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आत्मघाती हमले के पीछे प्रतिबंधित आतंकवादी समूह आईएसआईएस का हाथ है।
बता दें कि 73 साल पुराने देश में आधे से अधिक समय तक शक्तिशाली पाकिस्तानी सेना ने परोक्ष और अपरोक्ष रूप से शासन किया है। सेना ने देश की राजनीति के साथ-साथ सुरक्षा और विदेश नीति के मामलों में भी काफी ताकत हासिल की है। पाकिस्तान में हर समय सैन्य तख्तापलट का संशय बना रहता है। रविवार की रात राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में खान ने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं उनके दिमाग में एक ही बात है कि उन्हें और उनकी (इमरान की) पार्टी को आगामी आम चुनावों में सत्ता में लौटने से कैसे रोका जाए। क्रिकेटर से नेता बने 70 वर्षीय इमरान ने दावा किया कि इसके लिए सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान अपने सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
खान ने कहा, ''जो लोग अभी सत्ता में हैं उन्हें पीटीआई को रोकने के लिए अपनी ऊर्जा खर्च करने के बजाय देश और लोगों के बारे में सोचना चाहिए।" पीटीआई प्रमुख ने यह भी कहा कि शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने जिस तरह से उनकी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं पर अत्याचार किया वह शर्मनाक है। उन्होंने कहा, ''पीटीआई से जुड़ी महिलाएं सैन्य प्रतिष्ठानों पर तथाकथित हमले के आरोपों में 80 दिनों से अधिक समय से जेल में हैं। किस समाज में ऐसा होता है। यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन था।"