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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   WPI Inflation May 2021: The Rate Of Inflation Based On Monthly Wpi For May 2021 Data Released By Govt Of India

आंकड़े: महंगे ईंधन के कारण मई में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति

Mon, 14 Jun 2021 02:07 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Mon, 14 Jun 2021 02:07 PM IST
सार

मई में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 12.94 फीसदी रही। अप्रैल में यह 10.49 फीसदी थी। डब्ल्यूपीआई आधारित मुद्रास्फीति में तेजी का यह लगातार पांचवां महीना है। 

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WPI Inflation May 2021: The Rate Of Inflation Based On Monthly Wpi For May 2021 Data Released By Govt Of India
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति - फोटो : pixabay

विस्तार

भारत सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी कर दिए हैं। अप्रैल के 10.49 फीसदी के मुकाबले मई में यह रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई है। महंगे ईंधन और विनिर्मित वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण मई में मुद्रास्फीति 12.94 फीसदी रही। पिछले साल की समान अवधि यानी मई 2020 में यह (-) 3.37 फीसदी थी। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में तेजी का यह लगातार पांचवां महीना है। 

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निचले आधार प्रभाव के चलते भी मई 2021 में डब्ल्यूपीआई मु्द्रास्फीति तेजी से बढ़ी। इस संदर्भ में वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि, 'मासिक डब्ल्यूपीआई पर आधारित मुद्रास्फीति की वार्षिक दर मई 2021 (मई, 2020 के मुकाबले) में बढ़कर 12.94 फीसदी हो गई, जो मई 2020 में ऋणात्मक 3.37 फीसदी थी।'
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बयान के मुताबिक, 'मई 2021 में मुद्रास्फीति की उच्च दर मुख्य रूप से कम आधार प्रभाव और पेट्रोल, डीजल, नेफ्था, फर्नेस ऑयल आदि पेट्रोलियम उत्पादों और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में पिछले वर्ष के समान महीने की तुलना में वृद्धि के कारण है।'
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37.61 फीसदी हो गई ईंधन और बिजली की मुद्रास्फीति
समीक्षाधीन अवधि में ईंधन और बिजली की मुद्रास्फीति बढ़कर 37.61 फीसदी हो गई, जो अप्रैल में 20.94 फीसदी थी। विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति मई में 10.83 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.01 फीसदी थी। खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति मई में मामूली रूप से कम होकर 4.31 फीसदी पर आ गई। हालांकि, इस दौरान प्याज महंगा हुआ।


उदार नीति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध आरबीआई 
आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में अपनी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को रिकॉर्ड निचले स्तर पर बरकरार रखा और कहा कि वह वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक उदार नीति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अमेरिका में मुद्रास्फीति मई महीने में पिछले साल के मुकाबले पांच फीसदी बढ़ गई है। जबकि पिछले महीने अप्रैल के मुकाबले महंगाई दर में 0.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। मुद्रास्फीति में यह वृद्धि 2008 के बाद सर्वाधिक है। श्रम विभाग के आंकड़े के अनुसार मई में उपभोक्ता महंगाई दर में वृद्धि यह बताती है कि विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं की मांग बढ़ रही है। कोविड-19 महामारी पर अंकुश के बाद तेजी से खुल रही अर्थव्यवस्था में लोग अधिक खरीदारी और यात्रा कर रहे हैं।

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