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Tax On Crypto: राज्यसभा में वित्त मंत्री ने कहा- टैक्स लगाना सरकार का अधिकार, इसका मतलब क्रिप्टो को वैध करना नहीं
Sat, 12 Feb 2022 02:22 AM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Sat, 12 Feb 2022 02:22 AM IST
सार
Finance Minister Nirmala Sitharaman In Rajya Sabha: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मैं फिलहाल न तो देश में क्रिप्टोकरेंसी को वैध करने जा रही हूं और न ही इस पर पाबंदी लगाने जा रही हूं। इस पर रोक लगाने के संबंध में अंतिम निर्णय गहन विचार- विमर्श से निकलने वाले निर्णय के आधार पर होगा। टैक्स लगाने का अधिकारी सरकार के पास है।
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को 9.57 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके बावजूद सरकार ने खुदरा मुद्रास्फीति को 6.2 फीसदी पर रखने में सफल रही। आम बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 का बजट अर्थव्यवस्था में स्थिरता, निरंतरता तथा कराधान के मामले में भरोसा लाने के लिए है। उन्होंने कहा कि इस बजट में देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने का लेकर एक विजन है और इसके मद्देनजर सरकार का ध्यान विकास पर केंद्रित है।
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उन्होंने यूपीए सरकार के प्रदर्शन से तुलना करते हुए कहा कि 2008-09 के वैश्विक मंदी के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति की दर 9.1 प्रतिशत थी, जबकि कोविड महामारी के दौरान यह 6.2 प्रतिशत रही। हालांकि कोविड-19 महामारी का अर्थव्यवस्था पर कहीं अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को महामारी के कारण 9.57 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ जबकि 2008-09 में वैश्विक मंदी के समय 2.12 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि 2014 में एनडीए के सत्ता में आने के बाद केवल छह बार मुद्रास्फीति की दर 6 फीसदी से ऊपर गई है। यह बताता है कि महंगाई दर प्रबंधन मजबूत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आरबीआई को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर बरकरार रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि 7 साल पहले अर्थव्यवस्था 1.1 लाख करोड़ थी जोकि अब 2.32 लाख करोड़ हो गई है।
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अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि पर जोर
उन्होंने कहा कि राजस्व व्यय की तुलना में पूंजीगत व्यय का प्रभाव व्यापक होता है और इसलिए सरकार ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्टार्टअप को भी बढ़ावा दे रही है जिसके फलस्वरूप महामारी के दौरान कई ‘यूनिकॉर्न’ (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) बने हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक समीक्षा और बजट में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर के अनुमान को लेकर अंतर कोई चिंता की बात नहीं है। इस अंतर का कारण अलग-अलग स्रोत से लिए गए आंकड़े हैं। सार्वजनिक व्यय के बारे में उन्होंने कहा कि 7.5 लाख करोड़ रुपये के व्यय से व्यापक स्तर पर रोजगार सृजित होंगे। साथ ही कहा कि 14 सेक्टरों के लिए उत्पादकता से जुड़ी प्रोत्साहन योजना केवल 60 लाख नौकरियों के सृजन तक ही सीमित नहीं रहेगा।
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मनरेगा में मांग बढ़ने पर बढ़ाई जाएगी राशि
उन्होंने कहा कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) मांग आधारित कार्यक्रम है। इसके लिए 73,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और यदि मांग बढ़ती है, राशि बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि खाद सब्सिडी के लिए 2021-22 के बजट में 79,530 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था जो संशोधित अनुमान में बढ़कर 1.4 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह दिखाता है कि सरकार जरूरतों का ध्यान रखती है और आवश्यकता अनुसार कदम उठाती है।
जीडीपी वृद्धि 9.2 फीसदी रहने का अनुमान
छोटे उद्योगों के बंद होने के विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि 67 प्रतिशत एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) ‘लॉकडाउन’ की वजह से अस्थायी रूप से बंद हुए थे। उन्होंने कहा कि मंदी का सवाल ही नहीं है क्योंकि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
क्रिप्टोकरेंसी पर कर लगाना हमारा संप्रभु अधिकार
किप्टो करेंसी पर वित्तमंत्री ने कहा कि इस पर पाबंदी लगेगी या नहीं, यह निर्णय जारी विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा। यह वैध है या नहीं, यह अलग सवाल है लेकिन मैंने इससे प्राप्त लाभ पर कर लगाने का प्रस्ताव किया है क्योंकि यह हमारा संप्रभु अधिकार है। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारतीय कृषि को बेहतर और आधुनिक बनाने में कारगर साबित होगा।
100वीं वर्षगांठ पर विजन नहीं होगा तो पहले के 70 सालों की तरह उठाना पड़ेगा खामियाजा
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाई गई विभिन्न योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए आगामी 25 साल बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसलिए हमने इसे अमृत काल कहा है। उन्होंने कहा कि देश अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ पर कहां होगा, यदि इसके बारे में एक विजन नहीं होगा तो हमें इसका खामियाजा ठीक उसी तरह से भुगतना होगा जैसा हमने पहले के 70 सालों में उठाया...और इनमें से 65 साल कांग्रेस ने शासन किया। उस कांग्रेस ने जिसके पास कोई विजन नहीं था सिवाय एक परिवार को फायदा पहुंचाने के।
विपक्ष के सवाल का दिया जवाब
सीतारमण ने राज्यसभा में जवाब देते हुए कहा कि मैं फिलहाल न तो देश में क्रिप्टोकरेंसी को वैध करने जा रही हूं और न ही इस पर पाबंदी लगाने जा रही हूं। इस पर रोक लगाने के संबंध में अंतिम निर्णय गहन विचार- विमर्श से निकलने वाले निर्णय के आधार पर होगा। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले फायदे पर टैक्स लगाने के बारे में उन्होंने कहा, इस पर टैक्स लगाने का मतलब ये कतई नहीं है कि इसे वैध कर दिया गया है। इसे वैलिड करना या नहीं करना, अलग सवाल है। लेकिन हमने टैक्स लगाया है क्योंकि यह सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। दरअसल, विपक्ष की ओर से क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स लगाने की वैधता के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये बड़ी बात कही। गौरतलब है कि सीतारमण ने बीती 1 फरवरी को संसद में बजट 2022 पेश करते हुए क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले फायदे पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा था कि केवल आरबीआई की तरफ से जारी 'डिजिटल रुपी' को ही देश में डिजिटल करेंसी की मान्यता दी जाएगी।
तकनीक को दी गई प्राथमिकता
इस दौरान एक अन्य सवाल के जवाब में निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट में तकनीक को प्राथमिकता दी गई है, इसका एक उदाहरण कृषि में सुधार करने और उसको मॉडर्न बनाने के लिए ड्रोन को लाना है। स्टॉर्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, हमने देखा कि देश में जिस मजबूती के साथ स्टॉर्टअप आ रहे हैं ऐसा विश्व में कहीं नहीं हुआ।