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ब्रिक्स सम्मेलन में दिखेंगी ताजमहल और चीन की दीवार अगल बगल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 14 Oct 2016 01:34 AM IST
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ब्रिक्स
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ताज महल और चीन की दीवार ग्रेट वाल भले ही एक दूसरे से सैकड़ों मील दूर हैं। मगर गोवा में होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया के ये अजूबे अगल-बगल नजर आएंगे। दरअसल, ये करिश्मा रेत की प्रतिमाओं की शक्ल में होगा। सिर्फ ताजमहल और चीन की ग्रेट वाल ही नहीं बल्कि ब्रिक्स समूह के पांचों सदस्य देशों के मशहूर एतिहासिक स्थलों की रेत की प्रतिमायें भी बनाई जाएंगी। इन प्रतिमाओं को मशहूर रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक और उनके कुछ छात्रों ने तैयार करना शुरू कर दिया हैं।
इनमें ताजमहल और चीन की दीवार के अलावा रूस का सेंट बासिल गिरिजाघर, ब्राजील का क्राइस्ट द रिडीमर प्रभु यीशू की विशालकाय प्रतिमा और दक्षिणी अफीका के अफ्रीकी भाषाओं के स्मारक को रेत की प्रतिमाओं के माध्यम से प्रतिबिंबित किया जाएगा। रेत की इन प्रतिमाओं को करीब 30 फुट चौड़े और 20 फुट उंचे बॉक्स के भीतर प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रतिमाओं को बनाने के लिए 45 से 50 टन रेत की जरूरत होगी।
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इनमें ताजमहल और चीन की दीवार के अलावा रूस का सेंट बासिल गिरिजाघर, ब्राजील का क्राइस्ट द रिडीमर प्रभु यीशू की विशालकाय प्रतिमा और दक्षिणी अफीका के अफ्रीकी भाषाओं के स्मारक को रेत की प्रतिमाओं के माध्यम से प्रतिबिंबित किया जाएगा। रेत की इन प्रतिमाओं को करीब 30 फुट चौड़े और 20 फुट उंचे बॉक्स के भीतर प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रतिमाओं को बनाने के लिए 45 से 50 टन रेत की जरूरत होगी।
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