Loan: ऑटो लोन लेने वालों को छूट दे रहे बैंक, डीलर भी कर रहे ऑफर की पेशकश; कर्ज लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) के उपाध्यक्ष साईं गिरधर का कहना है कि यह त्योहारी सीजन कार खरीदने का अच्छा मौका है क्योंकि डीलरों के पास 79,000 करोड़ रुपये के 7.9 लाख वाहनों का स्टॉक पड़ा है। आप भी त्योहारी सीजन में नई कार खरीदना चाहते हैं तो ऑटो लोन लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखें।
विस्तार
त्योहारी सीजन में कारों की रिकॉर्ड बिक्री का अनुमान है। डीलरों ने भी इसके लिए खास तैयारियां की हैं। वे खरीदारों को कार के मॉडल के अनुसार छूट और विभिन्न प्रकार के ऑफर पेश कर रहे हैं। बैंक भी ऑटो लोन पर विभिन्न प्रकार की रियायत दे रहे हैं। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) के उपाध्यक्ष साईं गिरधर का कहना है कि यह त्योहारी सीजन कार खरीदने का अच्छा मौका है क्योंकि डीलरों के पास 79,000 करोड़ रुपये के 7.9 लाख वाहनों का स्टॉक पड़ा है। आप भी त्योहारी सीजन में नई कार खरीदना चाहते हैं तो ऑटो लोन लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखें।
क्रेडिट स्कोर जरूर देखें
कार लोन लेने से पहले क्रेडिट स्कोर की जांच जरूर करें। इसे देखने के बाद ही बैंक तय करते हैं कि किस खरीदार को कितने ब्याज पर कर्ज देना है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो आपको कम ब्याज पर आसानी से कार लोन मिल जाएगा। आमतौर पर क्रेडिट स्कोर 750 से कम नहीं होना चाहिए। हालांकि, इससे कम क्रेडिट स्कोर पर भी कुछ बैंक व वित्तीय संस्थान ग्राहकों की प्रोफाइल के आधार पर कार लोन ऑफर करते हैं।
ब्याज दर की तुलना करें
- विभिन्न बैंक ग्राहकों की प्रोफाइल और पुनर्भुगतान क्षमता को देखते हुए अलग-अलग ब्याज दर पर कार लोन ऑफर करते हैं। इसलिए, कार लोन लेने से पहले सभी बैंकों की ब्याज दर की तुलना जरूर करें।
- जिस बैंक की ब्याज दर सबसे कम हो, उसी से कर्ज लें। बैंक दो तरह से कर्ज देते हैं...फिक्स्ड दर और फ्लोटिंग दर पर। कर्ज लेते समय इनका भी ध्यान रखें।
फिक्स्ड व फ्लोटिंग दर में अंतर
फिक्स्ड दर: इसमें ब्याज दर अधिक होती है। पूरी कर्ज अवधि के लिए ईएमआई एक समान होती है। जोखिम कम होता है। इसमें कर्ज अवधि तीन से 10 साल होती है। खास बात है कि एक समान ईएमआई की वजह से मासिक बजट बनाना आसान होता है।
फ्लोटिंग दर: इसमें ब्याज दर कम होती है। पूरी कर्ज अवधि के दौरान ईएमआई बदलती रहती है, जिससे बजट बनाने में मुश्किल आती है। इसमें जोखिम अधिक होता है। इसमें कर्ज भुगतान अवधि 20 से 30 साल होती है।
सर्विस टैक्स के बारे में पूछें
सर्विस टैक्स ऐसा पहलू है, जिसके बारे में ज्यादातर कार लोन लेने वाले नहीं जानते। यह एक बुनियादी शुल्क है, जो बैंक अपनी सेवा के बदले लेते हैं। कुछ बैंक एकमुश्त राशि के रूप में सर्विस टैक्स लेते हैं, जबकि कुछ सालाना चार्ज करते हैं। इसलिए, कार लोन के लिए सर्विस टैक्स देने की बैंक की शर्त से सहमत होने से पहले पूछें कि कितनी बार टैक्स देना होगा। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार
कर्ज की दर 8.70% से शुरू
| बैंक | ब्याज दर (%) |
|---|---|
| केनरा बैंक | 8.70 |
| यूनियन बैंक | 8.70 |
| बैंक ऑफ इंडिया | 8.85 |
| एसबीआई | 9.05 |
| आईसीआईसीआई | 9.10 |
| एक्सिस बैंक | 9.30 |
| एचडीएफसी बैंक | 9.40 |