फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Startups with Female Founders Raise More Venture Cash than men

शोध में खुलासा, पुरुषों के मुकाबले महिला संस्थापक वाले स्टार्टअप को मिलती है ज्यादा फंडिंग

Wed, 09 Oct 2019 10:16 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Wed, 09 Oct 2019 10:16 AM IST
विज्ञापन
Startups with Female Founders Raise More Venture Cash than men

स्टार्टअप की शुरुआत के बाद सबसे बड़ी चुनौती फंड जुटाने की रहती है। हालिया अध्ययन में बताया गया है कि जिन स्टार्टअप के संस्थापकों में कम से कम एक महिला शामिल है, उसे सिर्फ पुरुष संस्थापकों वाले स्टार्टअप की तुलना में ज्यादा फंडिंग मिलती है। 

विज्ञापन


कॉफमैन फेलो रिसर्च सेंटर ने दो साल तक शोध के बाद निष्कर्ष निकाला कि ऐसी कंपनियां जिनके संस्थापकों में एक महिला शामिल हो, उसे फंड जुटाने में आसानी होती है। ऐसी कंपनियों ने औसतन 2.3 करोड़ डॉलर (1.61 अरब) का निवेश जुटाया है, जबकि सिर्फ पुरुष संस्थापकों वाली कंपनियों को औसतन 1.8 करोड़ डॉलर (1.26 अरब) का निवेश मिला है। अध्ययन के अनुसार, स्टार्टअप की शुरुआत में दोनों तरह की टीमों का कार्य एक जैसा होता है, लेकिन बात जब निवेश जुटाने की आती है तो महिलाओं वाले स्टार्टअप पर निवेशकों का भरोसा ज्यादा रहता है। विश्लेषकों ने इस अध्ययन के लिए 2001 से 2018 के बीच 90 हजार अमेरिकी निवेशक कंपनियों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया है। 

विज्ञापन

फिर भी महिलाओं की भागीदारी कम

अध्ययन में बताया गया कि स्टार्टअप के सफल होने की गारंटी के बावजूद भारत में ऐसी कंपनियों की लीड भूमिकाओं में महिलाओं की संख्या काफी कम है। सर्वे के अनुसार, भारत में शुरू हो रहे महज 22 फीसदी स्टार्टअप के संस्थापकों में ही महिलाएं शामिल हैं। भारतीय स्टार्टअप को फंड जुटाना आसान बनाने के लिए सरकार ने हाल में ही एंजल टैक्स में भारी छूट दी थी। उम्मीद है कि आने वाले समय में महिला उद्यमियों की संख्या भी नए स्टार्टअप के संस्थापकों में बढ़ जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सिर्फ महिलाएं सफलता की गारंटी नहीं

शोध में बताया गया है कि ऐसे स्टार्टअप जिनके संस्थापकों में सिर्फ महिलाएं शामिल हैं, उन्हें फंड जुटाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल कुछ स्टार्टअप को करीब 130 अरब डॉलर की फंडिंग मिली है। इसमें से ऐसे स्टार्टअप जिनके संस्थापक सदस्यों में सिर्फ महिलाएं शामिल हैं, उन्हें महज 2.2 फीसदी की फंडिंग हुई है। कुफमैन फेलो फंड के सह-संस्थापक कोलिन वेस्ट ने कहा कि बेहद कम ऐसी महिला उद्यमी हैं, जिनका ट्रैक रिकॉर्ड सफलता की गारंटी माना जा सकता है।

विविधता से बेहतर होती है वित्तीय स्थिति 

वेस्ट ने कहा, शोध ने इस बात पर मुहर लगाई है कि कंपनी लीडरशिप में विविधता होने से उसकी वित्तीय स्थितियों को सुदृढ़ बनाना ज्यादा आसान होता है। ऐसी टीम जिसके सदस्यों में विविधता होती है, उनके आइडिया ज्यादा प्रभावकारी होते हैं। टीम में शामिल सिर्फ एक महिला ही काफी प्रभाव डाल सकती है। शोध बताती है कि अगर कंपनी के कॉन्फ्रेंस रूम में एक भी महिला लीडर को शामिल किया जाता है, तो गुणवत्ता बढ़ जाती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed