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SEBI: एसएमई आईपीओ की कीमतों में हेराफेरी, सेबी कर रहा जांच, कहा- कार्रवाई के लिए नियामक जुटा रहा सबूत
Tue, 12 Mar 2024 07:48 AM IST
यशोधन शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 12 Mar 2024 07:48 AM IST
सार
चेयरपर्सन ने कहा, नियामक अब भी सभी आयामों को समझने और डाटा विश्लेषण के लिए सलाहकारों के साथ काम कर रहा है। अगर कुछ गलतियां मिलती हैं तो अगले कदम पर विचार किया जाएगा।
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सेबी
- फोटो : PTI
विस्तार
छोटे और मझोले यानी एसएमई आईपीओ की कीमतों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी हो रही है। ऐसे में सेबी इनके नियमों को ज्यादा कठोर करने पर विचार कर रहा है। साथ ही, कार्रवाई करने के लिए सबूत भी जुटा रहा है। सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने कहा, एसएमई आईपीओ को लेकर अतिरिक्त खुलासा नियम आ सकता है।
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बुच ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा, एसएमई आईपीओ के ऑफर में मूल्य बदलाव का नया पैटर्न दिख रहा है। इस तरह के आईपीओ के ट्रेडिंग के वक्त और खुलासे पर विचार करना जरूरी है। नियामक को यह भी जानकारी मिली है कि ऐसी धोखाधड़ी वाली गतिविधि की पहचान कैसे की जा सकती है और उनसे कैसे निपटा जा सकता है।
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चेयरपर्सन ने कहा, नियामक अब भी सभी आयामों को समझने और डाटा विश्लेषण के लिए सलाहकारों के साथ काम कर रहा है। अगर कुछ गलतियां मिलती हैं तो अगले कदम पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि एसएमई इश्यू मुख्य बोर्ड से अलग हैं। सेबी के लिए निवेशकों को किए जाने वाले खुलासे के नियमों के संदर्भ में समझना जरूरी है।
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गड़बड़ियों की आशंका
कंपनियों के प्रमोटर्स, ऑपरेटर्स के साथ मिलकर आईपीओ के लिए आवेदन करने वाले ऐसे लोगों की तलाश करते हैं, जो अपने आवेदन बेचने को इच्छुक हों और उन्हें खास डील के तहत इसकी भरपाई की जाती है। बुच ने कहा, गड़बड़ी करने वाले आवेदनों को इस तरह से पेश करते हैं कि यह खारिज हो जाए, लेकिन इससे सब्सक्रिप्शन नंबर बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा खुदरा निवेशकों को आकर्षित करने का मकसद पूरा हो जाता है।
निवेशकों पर विपरीत असर
बुच ने कहा, बुलबुले को बनते रहने देना उचित नहीं होगा, क्योंकि जब यह फूटता है, तो निवेशकों पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। यह अच्छी बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने इस तरह की कंपनियों पर कार्रवाई की कोई तय समय सीमा की जानकारी नहीं दी।