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Singapore: चावल प्रतिबंध से छूट देने पर सिंगापुर ने भारत को किया धन्यवाद, कहा- यह मजबूत दोस्ती की निशानी
Sat, 02 Sep 2023 11:25 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 02 Sep 2023 11:25 AM IST
सार
भारत ने 27 अगस्त को बासमती चावल के निर्यात पर अतिरिक्त सतर्कता के मद्देनजर अहम कदम उठाए थे। इसका मकसद गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात को रोकना था, जो वर्तमान में निषिद्ध श्रेणी में है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिंगापुर ने भारत को चावल पर लगे प्रतिबंध से छूट देने के लिए भारत का धन्यवाद किया है और साथ ही दोनों देशों के बीच की दोस्ती को और मजबूत करने की सराहना भी की है। भारत में सिंगापुर के राजदूत ने ट्वीट कर जानकारी दी।
उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर ट्विट कर कहा, 'सिंगापुर भारत सरकार को चावल पर लगे प्रतिबंध पर छूट देने के लिए धन्यवाद करता है। दोनों ही देश मजबूत रणनीतिक साझेदार है। हमारी यह मजबूत दोस्ती सराहनीय है।' भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, 'भारत और सिंगापुर के रिश्ते मजबूत हैं और इसी वजह से भारत ने खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सिंगापुर को चावल निर्यात करने का फैसला किया है।'
भारत ने 27 अगस्त को बासमती चावल के निर्यात पर अतिरिक्त सतर्कता के मद्देनजर अहम कदम उठाए थे। इसका मकसद गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात को रोकना था, जो वर्तमान में निषिद्ध श्रेणी में है। इससे पहले सरकार ने बताया कि उन्हें गैर-बासमती चावल के अवैध निर्यात के संबंध में कई रिपोर्ट मिली हैं।
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सरकार ने एक बयान जारी करते हुए कहा, 'रिपोर्ट के अनुसार गैर-बासमती सफेद चावल का निर्यात उबले चावल और बासमती चावल के एचएस कोड के तहत किया जा रहा है।' हालांकि, सरकार ने गैर-बासमती चावल का निर्यात 20 जुलाई से बंद कर दिया था।
प्रतिबंध के बावजूद सरकार ने देखा कि इस साल भी चावाल का निर्यात जारी रहा है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने 20 जुलाई को चावल निर्यात मानदंडों में संशोधन करके गैर-बासमती सफेद चावल को "निषिद्ध" श्रेणी में डाल दिया।
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उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर ट्विट कर कहा, 'सिंगापुर भारत सरकार को चावल पर लगे प्रतिबंध पर छूट देने के लिए धन्यवाद करता है। दोनों ही देश मजबूत रणनीतिक साझेदार है। हमारी यह मजबूत दोस्ती सराहनीय है।' भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, 'भारत और सिंगापुर के रिश्ते मजबूत हैं और इसी वजह से भारत ने खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सिंगापुर को चावल निर्यात करने का फैसला किया है।'
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भारत ने 27 अगस्त को बासमती चावल के निर्यात पर अतिरिक्त सतर्कता के मद्देनजर अहम कदम उठाए थे। इसका मकसद गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात को रोकना था, जो वर्तमान में निषिद्ध श्रेणी में है। इससे पहले सरकार ने बताया कि उन्हें गैर-बासमती चावल के अवैध निर्यात के संबंध में कई रिपोर्ट मिली हैं।
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सरकार ने एक बयान जारी करते हुए कहा, 'रिपोर्ट के अनुसार गैर-बासमती सफेद चावल का निर्यात उबले चावल और बासमती चावल के एचएस कोड के तहत किया जा रहा है।' हालांकि, सरकार ने गैर-बासमती चावल का निर्यात 20 जुलाई से बंद कर दिया था।
प्रतिबंध के बावजूद सरकार ने देखा कि इस साल भी चावाल का निर्यात जारी रहा है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने 20 जुलाई को चावल निर्यात मानदंडों में संशोधन करके गैर-बासमती सफेद चावल को "निषिद्ध" श्रेणी में डाल दिया।